नई दिल्लीःमोदी सरनेम केस में निचली अदालत द्वारा दो साल की सजा सुनाई जाने के बाद लोकसभा की सदस्यता गंवाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आखिरकर संसद सदस्यता बहाल हो गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा चार अगस्त को मोदी सरनेम केस में सजा पर लगाई गई रोक के बाद सोमवार को राहुल की लोकसभा की सदस्यता बहाल कर दी गई। इस संबंध में लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर जानकारी दी है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से ही इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि कानूनन अब राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता बहाल होने के रास्ते खुल गए हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने उनकी संसद की सदस्यता बहाल करने की मांग करते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा था और कहा था कि अगर जल्द से जल्द राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल नहीं हुई तो वे दोबारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया की खत्म हो सकती है लोकसभा सदस्यता
सोमवार को एक तरफ जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता बहाल हुई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया की लोकसभा सदस्यता पर तलवार लटक रही है। उत्तर प्रदेश के इटावा से भाजपा सांसद रामशकंर कठेरिया को दंगा करने और लोगों को चोट पहुंचाने के एक पुराने मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है। ऐसे में जनप्रतिनिध कानून के तहत उनकी लोकसभा की सदस्यता रद्द हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने राहुल और कांग्रेस के लिए किया संजीवनी का काम
मोदी सरनेम आपराधिक मानहानि केस में सूरत की निचली अदालत द्वारा दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया गया था। राहुल गांधी की तरफ से निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। इसके बाद राहुल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। गत शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को राहत देते हुए कहा था कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के प्रभाव व्यापक हैं। इससे न केवल राहुल का सार्वजनिक जीवन में बने रहने का अधिकार प्रभावित हुआ, बल्कि उन्हें चुनने वाले मतदाताओं का अधिकार भी प्रभावित हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मोदी सरनेम टिप्पणी को लेकर दायर आपराधिक मानहानि मामले में निचली अदालत के न्यायाधीश द्वारा अधिकतम सजा देने का कोई कारण नहीं बताया गया है। इसलिए अंतिम फैसला आने तक दोषसिद्धि के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट रोक लगाता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा राहुल को मिली दो साल की सजा और दोषसिद्धि पर रोक लगाने के आदेश के बाद ही यह तय माना जा रहा था कि अब उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाल हो सकती है। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी केरल की वायनाड लोकसभा सीट से लोकसभा चुनाव लड़े थे, जिसमें उनकी जीत हुई थी।