शुभम रावत-
नई दिल्ली:केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार कोराज्यसभा मेंदिल्ली सेवा बिल पेश किया।लोकसभा से इस बिल को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। आज राज्यसभा में आप नेता राघव चड्ढा ने गृहमंत्री के बयान पर पलटवार किया।
सत्तापक्ष और विपक्ष ने अपने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा है।राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार संशोधन विधेयकपर आम आदमी पार्टी को 26 विपक्षी पार्टियों (INDIA गठबंधन) का समर्थन हासिल है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 3 अगस्त कोदिल्ली सेवा विधेयक को लोकसभा में पेश किया था।राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित कर दिया गया था।इस दौरान अमित शाह ने कहा था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का विरोध जवाहर लाल नेहरू, अंबेडकर औरसरदार वल्लभभाई पटेल ने भी किया था।
अमित शाह ने कहा था कि, जब विधेयक पेश किया गया तो कुछ विरोध हुआ। विधायी क्षमता पर सवाल उठाया गया। कहा गया कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है। गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि, मैं विपक्षी सांसदों से कहना चाहता हूं कि आपने वही पढ़ा है जो आपके अनुकूल हो। आपको निष्पक्षता से सारी बातें सदन के सामने रखनी चाहिए। केंद्र को दिल्ली के संबंध में कानून बनाने का पूरा अधिकार है।
बीजेपी ने की थी दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने की मांग
गृहमंत्री अमित शाह के इसी बयान पर आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने आज राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान पलटवार किया। उन्होंने कहा किये राजनैतिक धोखा है। एक टाइम वो भी था जब भारतीय जनता पार्टी ने खुद दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग की थी।
राघव चड्ढा ने गृहमंत्री अमित शाह को नसीहत देते हुए कहा कि आप नेहरूवादी मत बनिए, आप तो बस आडवाणीवादी बनिए। जिन्होंने कि खुद दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाए जाने की मांग उठाई थी। राघव चड्ढा ने कहा कि भाजपा के पुराने नेताओं ने 40 वर्षों तक दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाए जाने की मांग की लेकिन आज के नेताओं ने इस पूरे संघर्ष को मिट्टी में मिलाने का काम किया है।