Delhi Dengue: राजधानी में बाढ़ के बाद से मौसमी बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। बीते कुछ दिनों से डेंगू के मामलों में काफी वृद्धि दर्ज की गई। इस पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने शहर के विभिन्न अस्पतालों के नोडल ऑफिसर और एमएस के संग सचिवालय में बड़ी बैठक की। इस दौरान मौसमी बीमारी पर गहनता के साथ विचार किया गया।
डेंगू के केस हुए 240
नगर निगम की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में पिछले सप्ताह डेंगू के 56ताजा मामले सामने आए और अब मामलों की संख्या बढ़कर 240हो गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी में डेंगू और अन्य बीमारियों से निपटने के प्रयास तेज कर दिए हैं और इसके तहत उन्होंने मंगलवार को एलएनजेपी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था।
स्वास्थ्य मंत्री ने की बैठक
स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली सचिवालय में दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम (MCD), एनडीएमसी और छावनी बोर्ड के तहत विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं के चिकित्सा निदेशकों और अधीक्षकों के साथ-साथ डेंगू के लिए नोडल अधिकारियों के साथ एक बैठक की।
अस्पतालों में 5 फीसदी बेड आरक्षित
इस दौरान डेंगू के प्रसार से निपटने के लिए क्या प्रोटोकॉल तैयार करना चाहिए इस पर चर्चा हुई। जिस तरह से 5प्रतिशत बेड कोविड रोगियों के लिए आरक्षित थे, उसी तरह डेंगू रोगियों के लिए भी बिस्तर आरक्षित किए जाएंगे। परीक्षण और उपचार के लिए एक निश्चित प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।
उन्होंने बताया कि टेस्ट रिपोर्ट 6-8 घंटों में आनी चाहिए। डेंगू रोगियों के लिए एक अलग क्षेत्र चिह्नित किया जाना चाहिए, दवाएं और परीक्षण किट उपलब्ध होनी चाहिए। अस्पतालों के परिसर में मच्छरों के लार्वा का प्रजनन नहीं पाया जाना चाहिए। अगर डेंगू रोगियों को भर्ती किया जाता है, तो वे मच्छरदानी के अंदर रखा जाना चाहिए।