Manipur Violence: सुप्रीम कोर्ट ने CBI को दिए सख्त निर्देश, कहा मामले की सुनवाई तक पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज ना करें

शुभम रावत-

नई दिल्ली:मणिपुर में हिंसा के दौरान दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने वाली याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की।चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली बेंच ने महिलाओं की ओर से पेश हुए वकील निजाम पाशा के आवेदन पर गौर किया। जिसमें कहा गया था कि महिलाओं को आज दिन में सीबीआई के सामने बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दिया निर्देश

मणिपुर हिंसा का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। इस पर लगातार सुनवाई की जा रही है।सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में यौन उत्पीड़न की पीड़ित और निर्वस्त्र कर घुमाई गई महिलाओं के वायरल वीडियो मामले में सीबीआई को सख्त निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड ने कहा है कि इस मामले की सुनवाई तक सीबीआई जांच एजेंसीउनके बयान दर्ज न करे।सर्वोच्च न्यायालय ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि कोर्ट इस मामले पर कोर्ट दोपहर दो बजे सुनवाई करेगा।

SC का केंद्र और राज्य सरकार से कड़े सवाल

वहीं इस मामले पर सोमवार को सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्य सरकार को कोर्ट के कड़े सवालों का सामना करना पड़ा था। जब एक वकील ने बंगाल में हाल की चुनावी हिंसा का मुद्दा उठाया तो भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि मणिपुर में जो हुआ उसे यह कहकर उचित नहीं ठहराया जा सकता कि यह और कहीं भी हुआ।

कोर्ट ने कहा कि इस तथ्य में कोई दो राय नहीं है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध सभी हिस्सों में हो रहे हैं, लेकिन मणिपुर जैसे देश के एक हिस्से में जो हो रहा है, उसे आप इस आधार पर माफ नहीं कर सकते कि इसी तरह के अपराध वहां भी हो रहे हैं। सवाल यह है कि हम मणिपुर से कैसे निपटें? इसका उल्लेख करें…क्या आप कह रहे हैं कि भारत की सभी बेटियों की रक्षा करें या किसी की भी रक्षा न करें?

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