Amrit Bharat Station: देश को अब अमृत भारत स्टेशनों का उपहार मिलने जा रहा है। गोरखपुर जक्शन के पुनर्निमाणके बाद पीएम मोदी इनकी आधारशिला रखने जा रहे हैं। रेलवे विभाग ने शिलांन्यास कार्यक्रम के लिए तैयारी तेज कर दी है।
पीएम रखेंगे आधारशिला
पीएम नरेन्द्र मोदी एक ही स्थल से सभी स्टेशनों की आधारशिला रखेंगे। शिलांन्यास के लिए चयनित स्टेशनों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री कहां से शिलांन्यास करेंगे, अभी कार्यक्रम स्थल तय नहीं है। जानकारों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल के साथ शीघ्र ही स्टेशनों का चयन भी सुनिश्चित कर लिया जाएगा।
प्रथम चरण में कुछ चुनिंदा स्टेशनों का ही शिलांन्यास होगा। इसके बाद क्रमवार स्टेशनों का पुनर्निमाण शुरू हो जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे ने भी बोर्ड को चिन्हित स्टेशनों की सूची बोर्ड को भेज दी है। संभावना जताई जा रही है कि अगले सप्ताह सूची में बोर्ड की मुहर भी लग जाएगी।
स्टेशनों के लिए बजट आवंटित
पूर्वोत्तर रेलवे में कुल 55 सहित भारतीय रेलवे में 1275 स्टेशन अमृत भारत के लिए चिह्नित किए गए हैं। सात जुलाई को गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर प्रधानमंत्री ने वंदे भारत को हरी झंडी दिखाने से पूर्व गोरखपुर जंक्शन के पुनर्निर्माण की आधारशिला रखी थी। कुल 498 करोड़ रुपए से जंक्शन का पुनर्निर्माण होना है। गोरखपुर जंक्शन को सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां यात्रियों को ही नहीं आमजन को भी उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
रेल मंत्रालय ने अमृत भारत के लिए बजट आवंटन करना शुरू कर दिया है। भटनी के लिए 12.50 करोड़, कप्तानगंज के लिए 19 करोड़, सिवान के लिए 46.55 करोड़, मैरवा के लिए 10.61 करोड़, बस्ती के लिए 18.00 करोड़, खलीलाबाद के लिए 10 करोड़, सिद्धार्थनगर के लिए 10 करोड़, मगहर के लिए 05.50 करोड़, तुलसीपुर के लिए 07 करोड़, बढ़नी के लिए 07.00 करोड़, रामघाट के लिए 13.04 करोड़ रुपए आवंटित हो गए हैं। इसके साथ ही स्टेशनों का नक्शा भी तैयार होने लगा है।
बादशाहनगर, लखनऊ सिटी, ऐशबाग सहित लखनऊ मंडल के दस, इज्जनगर मंडल के दस और वाराणसी मंडल के दस चिह्नित अमृत भारत स्टेशनों का नक्शा तैयार कर लिया गया है। इनमें से अधिकतर स्टेशनों ने निर्माण कार्य शुरू करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
क्या है अमृत भारत स्टेशन
अमृत काल के दौरान विकसित किए जाने वाले छोटे रेलवे स्टेशनों को अमृत भारतनाम दिया गया है। बड़े स्टेशनों की भांति आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चिह्नित स्टेशनों का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जहां यात्रियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। अमृत भारत के अंतर्गत धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र वाले छोटे स्टेशनों को चिह्नित किया गया है। कायाकल्प होने के बाद यह स्टेशन क्षेत्रीय कला और संस्कृति का अहसास दिलाएंगे।