सिरसा के चत्तरगढ़ पट्टी में वाटर टैंक में 2 भाई के डूबने की खबर आई। दोनों को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन वहां दोनों भाई जिंदगी की जंग हार गए।
सिरसा: हरियाणा के सिरसा से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। जहां वाटर टैंक में डूबने से दो भाईयों की मौत हो गई है। एक ही घर के 2 लोगों की एक साथ मौत से उनके परिजनों को गहरा सदमा लगा है। दोनों भाईयों की दादी का रो-रो कर बुरा हाल है।
दो भाईयों की टैंक में डूबने से मौत
दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर-भारत में इस समय प्रकृति का कहर उफान पर है। भारी बारिश के बाद बाढ़ से लोग जूझ रहे हैं। नदियों में एका-एका पानी का स्तर बढ़ जाने से लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ रही है। मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी कर दिया है। वहींसिरसा के चत्तरगढ़ पट्टी में वाटर टैंक में 2 भाई के डूबने की खबर आई। दोनों कोअस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन वहां दोनों भाई जिंदगी की जंग हार गए।
ढोलक बजा रहे थे दोनों बच्चे
दोनों मृतक भाइयों की दादी वीना ने बताया कि आखिर दोनों बच्चे कैसे इस हादसे का शिकार हो गए। वीना ने बताया कि उनके दोनों पोते घर पर थे। उनका बड़ा पोता मनीष 10 बजे के करीब एग्जाम देकर घर वापस लौटा था। जबकि छोटा पोता विनाशु पहले से घर पर ही था। मनीष ने घर आकर खाया और उसके बाद ढोलक बजाना शुरू कर दिया। दोनों भाई बैठकर ढोल बजा रहे थे।/ इसी बीच मनीष और विनाशु एक साथ वाटर टैंक पर चले गए। जब काफी देर तक दोनों घर नहीं लौटे तो उनकी दादी को चिंता हुई। इसी बीच उन्हें पता चला कि उनके दोनों पोते टैंक में डूब गए हैं।
कई बच्चों ने टैंक में गंवाई है जान
दोनों भाईयों को जैसे-तैसे टैंक से बाहर निकाला गया और उन्हें तुरंत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी नागरिकअस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर्स ने उनका इलाज शुरू किया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। वहीं इस हादसे के बाद चत्तरगढ़ इलाके में रहने वाले लोग में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि वाटर टैंक पर दीवार और अन्य किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसकी वजह से इससे पहले भी कई बच्चों की टैंक में गिरने से जान जा चुकी है।
सिरसा: वाटर टैंक में डूबने से दो भाईयों की मौत, दादी बोलीं ढोलक बचा रहे थे मेरे पोते