Parliament Monsoon Session 2023: नई संसद का विरोध करने वाली पार्टियां होंगी सत्र में शामिल? 21 ने किया था विरोध, 16 ने किया था समर्थन

नितिन उपाध्याय

Parliament Monsoon Session 2023:20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। शनिवार को केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी दी। उन्देहोंने ट्तेवीट करते हुए लिखा कि सत्र 23 दिनों तक चलेगा। 11 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 17 बैठकें होंगी और कई अहम बिलों को पेश किया जाएगा। प्रह्लाद जोशी ने सभी पार्टियों से अपील करते हुए सत्र में शामिल होने को कहा है।

हालांकि, सत्र नई संसद भवन में शुरू होगा या नहीं इसकी अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नई संसद भवन का विरोध करने वाली पार्टियां सत्र में शामिल होंगी या नहीं। अगर शामिल होंगी तो उन्होंने नए भवन का विरोध क्यों किया?

बता दे कि नई संसद के उद्घाटन का 21 सियासी पार्टियों ने विरोध किया था और 16 पार्टियों ने समर्थन किया था। विरोध करने वाली पार्टियों ने मानसून सत्र में शामिल नहीं होने की बात कही थी। जेडीयू ने सत्र का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। विरोधी पार्टियों का कहना था पीएम मोदी से संसद भवन का उद्घाटन कराकर देश के सर्वोच्च पद का अपमान किया गया। यह असवैंधानिक तरीका है और सवैंधानिक मूल्यों के खिलाफ है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का कहना था कि नई संसद का निर्माण अहंकार की ईंटों से किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष संसद के संरक्षक होते हैं और उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया है। इसलिए नई संसद का उद्घाटन पीएम मोदी करेंगे।

विरोध करने वाली 21 पार्टियां

कांग्रेस, डीएमके (द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम), AAP, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), समाजवादी पार्टी, भाकपा, झामुमो, केरल कांग्रेस (मणि), विदुथलाई चिरुथिगल कच्ची, रालोद, टीएमसी, जदयू, एनसीपी, सीपीआई (एम), आरजेडी, AIMIM, AIUDF (ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट),इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, नेशनल कॉन्फ्रेंस, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और मरुमलार्ची द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एमडीएमके) शामिल हैं।

समर्थन करने वाली 16 पार्टियां

बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट), नेशनल पीपल्स पार्टी, नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी, अपना दल – सोनीलाल, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, तमिल मनीला कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, आजसू (झारखंड), मिजो नेशनल फ्रंट, वाईएसआरसीपी, टीडीपी, बीजद और शिरोमणि अकाली दल शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *