नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मानपरमवीर चक्रसे सम्मानित वीर हुतात्मा कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय की आज जयंती है। 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान दिखाई गई अपनी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। उनकी जयंती के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजिल दी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, परमवीर चक्र से सम्मानित मनोज कुमार पांडे जी ने कारगिल युद्ध में अद्भुत साहस का परिचय दिया। उनके शौर्य से युवाओं को प्रेरित करने हेतु मोदी जी ने अंडमान-निकोबार के एक द्वीप का नाम उनके नाम पर किया है।मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले ऐसे वीर को उनकी जयंती पर नमन।
वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि, परमवीर चक्र से सम्मानित, वीर हुतात्मा कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!माँ भारती की रक्षा करते हुए कारगिल युद्ध में आपका शौर्यपूर्ण बलिदान चिरकाल तक अविस्मरणीय रहेगा। देश सेवा हेतु असंख्य युवाओं को सदैव आपसे प्रेरणा मिलती रहेगी।
बता दें कि कैप्टन मनोज पांडे का जन्म 25 जून 1975को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले रूढ़ा गांव में व्यवसायी गोपी चंद पांडे और मोहिनी के घर हुआ था। वे एक भारतीय सेना के अधिकारी थे जिन्हें 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान उनके साहस और नेतृत्व के लिए मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान दिया गया था। उन्होंने कारगिल के गारकोन आर्यन घाटी गांव में खालुबार हिल्स के बंकर पहाड़ी किनारे पर लड़ाई में देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दे दिया।