नई दिल्ली:महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ व्यक्ति नहीं खुशी, उम्मीद, गौरव, भावना और विश्वास की परिभाषा हैं। थाला ने एक बार फिर करोड़ों भारतीयों समेत दुनियाभर के अपने फैंस के चेहरे पर खुशी ला दी। हार्ट बीट को तेज कर देने वाले खिताबी मुकाबले में माही की सीएसके ने 5वीं बारआईपीएल ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
दिल की धड़कनें रोक देने वाला मुकाबला
इस मैच में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 214 रनों का लक्ष्य रखा था। जिसके बाद बारिश की वजह से सीएसके को 15 ओवर में जीत के लिए 171 रन बनाने थे। कॉन्वे और ऋतुराज ने एक बार फिर टीम को ठोस शुरूआत दी। पूरे मैच के दौरान मैच कभी गुजरात तो कभी सीएसके की तरफ झुक रहा था।दिल की धड़कने रोक देने वाले इस मैच में कभी गुजरात टाइटंस तो कभी सीएसके जीतती हुई नजर आ रही थी। इस रोमांचक मैच का नतीजा आखिरी गेंद पर जाकर निकला।
सर जडेजा ने किया कमाल
सीएसके को जीत के लिए आखिरी ओवर में 13 रन की जरूरत थी।पूरा देश चेन्नई सुपर किंग्स की जीत की उम्मीद कर रहा था।क्रीज पर शिवम दूबे और रवींद्र जडेजा मौजूद थे। गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या ने गेंद अपने सबसे सफल गेंदबाज मोहित शर्मा को सौंपी। मोहित ने लगातार तीन सटीक यॉर्कर फेंक कर मैच को गुजरात की ओर मोड़ दिया। इससे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बैठे हजारों सीएसके फैन के बीच सन्नाटा छा गया। ऐसा लगा कि मैन इन येलो के हाथ से मैच फिसला गया,लेकिन क्रिकेट में आखिरी गेंद तक कुछ भी संभव है। हुआ भी बिल्कुल ऐसा ही आखिरी 2 गेंदों में सीएसके को 10 रन बनाने थे। सामने जडेजा थे उन्होंने मोहित शर्मा की पांचवी गेंद को स्ट्रेट बॉउंडी लाइन के पार 6 रनों के लिए भेज दिया। इस शॉर्ट के साथ ही पूरे स्टेडियम में सीएसके फैंस के बीच एक बार फिर जीत की उम्मीद जग गई। अगली गेंद पर सर जडेजा ने फाइन लेग पर चौंका लगाकर अपनी टीम को विजयी बना दिया।
अनहोनी को आगे भी होनी करेंगे धोनी
अनहोनी को होनी करने वाले धोनी ने एक बार फिर अपनी जादुई कप्तानी से फैंस का दिल लूट लिया। उन्होंने अपनी टीम को फिर से बुलंदियों पर पहुंचा दिया। कैप्टन कूल कीकप्तानी में सीएसके ने 10 बार आईपीएल फाइनल में जगह बनाई है और 5 बार ट्रॉफी अपने नाम की। धोनी ने अपने रिटार्यमेंट की अटकलों को भी खारिज करके फैंस को दोगुनी खुशी दे दी।उन्होंने कहा कि दर्शकों के प्यार को देखते हुए उन्हें तोहफा देने के लिये वो अगले सीजन में फिर खेलेंगे। माही ने कहा, अगर परिस्थितियों को देखे तो मेरे लिये संन्यास लेने का यह सही समय है। मेरे लिए यह कहना बहुत आसान है कि अब मैं विदा ले रहा हूं, लेकिन अगले 9 महीने तक कड़ी मेहनत करके लौटना और एक सत्र और खेलना कठिन है।उन्होंने कहा, शरीर को साथ देना होगा। चेन्नई के प्रशंसकों ने जिस तरह से मुझे प्यार दिया, यह उनके लिये मेरा तोहफा होगा कि मैं एक सीजन और खेलूं। कैप्टन कूल ने कहा जो प्यार और जज्बात दिखाये हैं, मुझे भी उनके लिए कुछ करना चाहिए।