मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, दंगाई को देखते ही गोली मारने के आदेश

इम्फाल: मणिपुर में हो रही हिंसा पर केंद्र ने सख्त रुख अपनाते हुए सेना की तैनाती कर दी गई है। सेना को प्रशासन ने आदेश जारी किये हैं कि दंगाई को देखते ही गोली मार दी जाए।

हिंसाग्रस्त इलाकों में धारा 144 लागू

My humble appeal to everyone in the State to cooperate with the Government in maintaining peace & harmony at this hour. pic.twitter.com/qViqbuflWr
N.Biren Singh (@NBirenSingh) May 4, 2023

हिंसाग्रस्त इलाकों में धारा 144 लागू है। राज्य में अगले 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। दरअसल, बुधवार को आदिवासियों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। इसके बाद 8 जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया। आर्मी और असम राइफल्स की 55 टुकड़ियों को तैनात किया गया है। 9000 लोगों को राहत कैंपों में शिफ्ट किया गया।

अमित शाह ले रहे हैं जाएजा

गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। बीरेन सिंह ने आज सुबह एक वीडियो मैसेज जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

RAF की टीमों को भी भेजा

केंद्र ने पूर्वोत्तर राज्य के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती के लिए RAF की टीमों को भी भेजा है। सूत्रों के मुताबिक RAF की पांच कंपनियों को इंफाल एयरलिफ्ट किया गया है, जबकि 15 अन्य जनरल ड्यूटी कंपनियों को भी राज्य में तैनाती के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

यह है दंगे का कारण

ऑल इंडिया ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन ने बुधवार को ट्राइबल सॉलिडेरटी मार्च बुलाया था। इसी दौरान आदिवासी और गैर-आदिवासी समुदायों में झड़प हो गई। आदिवासी समुदाय उस मांग का विरोध कर रहा था, जिसमें डिमांड की जा रही है कि गैर-आदिवासी मैतेई समुदाय को शेड्यूल ट्राइब (ST) का दर्जा दिया जाए। मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मैतेई समुदाय की डिमांड पर विचार करे और 4 महीने के भीतर केंद्र को रिकमेंडेशन भेजे। इसी आदेश के बाद आदिवासी और गैर-आदिवासियों के बीच हिंसा शुरू हो गई।

मेरीकॉम ने की थी अपील

महिला बॉक्सिंग में भारत के लिए ओलिंपिक का ब्रॉन्ज जीतने वाली मैरीकॉम ने हिंसा की कुछ फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर कीं। हालांकि उन्होंने यह जिक्र नहीं किया कि ये तस्वीरें कब की और कहां की हैं। उन्होंने लिखा- मेरा राज्य जल रहा है। मैरीकॉम ने कहा कि हालात बहुत खराब हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंसा में कुछ लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया।

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