अफजाल अंसारी की सांसदी गई, 4 साल की सजा के बाद लोकसभा सदस्यता खत्म

लखनऊ:मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के बड़े भाई अफजाल अंसारी (Afzal Ansari)अब सांसद से पूर्व सांसद हो गए हैं। उनकी लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई है। सोमवार को लोकसभा सचिवालय ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए इस बात की जानकारी दी। गैंगस्टर एक्ट मामले में गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा दोषी पाए जाने के बाद अफजाल अंसारी की सांसदी गई है।

अंसारी भाईयों की मुश्किले दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। शनिवार को 16 साल पुराने बीजेपी के विधायक कृष्णानंद राय की हत्या मामले में फैसला आया। इस केस की सुनवाई करते हुए गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी को दोषी करार दिया। मऊ सदर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक रह चुके मुख्तार अंसारी को दस साल की सजा हुई। साथ ही उनपर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। वहीं उनके बड़े भाई अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा सुनाई गई। जिसके बाद उनकी लोकसभा की सदस्यता रद्द होना तय मानी जा रही थी।

सांसद से पूर्व सांसद हुए अफजाल अंसारी

अफजाल अंसारी 2019 के लोकसभा चुनाव में गाजीपुर की सीट पर बहुजन समाजवादी की टिकट से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। इसी दौरान कृष्णानंद राय हत्या मामले की सुनवाई होती रही। केस की सुनवाई के दौरान पहले पंजाब और फिर बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। वहीं अफजाल अंसारी भी पेशी में जाता रहा। इसके बाद 23 सितंबर, 2022 को दोनों के खिलाफ आरोप तय किए गए। जिसके बाद बीते शनिवार को अदालत ने मामले में मुख्तार और अफजाल अंसारी को सजा सुनाई। इसके दो दिन बाद यानि आज अफजाल अंसारी की लोकसभा सदस्यता रद्द हो गई। वो अब सांसद से पूर्व सांसद हो गए।

क्या कहता है जनप्रतिनिधित्व कानून?

दरअसल, जनप्रतिनिधित्व कानून ऐक्ट 1951 के तहत धारा 1 और धारा 2 में यह प्रावधान है कि अगर कोई सांसद या विधायक को अपराधिक मामलों में 2 या इससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सांसदी रद्द की जा सकती है। इसके साथ ही अगले 6 सालों तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध भी लगा दिया जाता है।

ये है पूरा मामला

बीजेपी के विधायक कृष्णानंद राय की 29 नवंबर 2005 को गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद में 7 लोगों समेत गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।कृष्णानंद राय पर 500 राउंड की फायरिंग की गई थी। इसी मामले में मुख्तार अंसारी और उसके भाई अफसाज अंसारी के खिलाफ 2007 में मुहम्मदाबाद थाने में केस दर्ज किया गया था। गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में बीते 15 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिसपर गत शनिवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मुख्तार अंसारी अफसाज अंसारी को दोषी पाया गया और सजा सुनाई गई।

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