कोच्ची: भारत में पहले द कश्मीर फ़ाइल फिल्म आई जिसके बाद कश्मीर से लेकर पूरे भारत में हंगामा हुआ। इस फिल्म पर जमकर राजनीति हुई थी। अब एक और फिल्म सामने आई है नाम है द केरल स्टोरी इस फिल्म को लेकर भी राजनीति शुरू हो चुकी है। बताया जा रहा है इसमें आतंकवाद से जुड़े हुए कुछ महत्वपूर्ण तथ्य दिखाए गए हैं।
यह है फिल्म की कहानी
फिल्म द केरल स्टोरी की कहानी की बात करें तो इसमें उन हिंदू और ईसाई लड़कियों की सच्ची कहानी दिखाई गई है, जिन्हें इस्लाम को मानने वालों ने लव जिहाद में फंसाया और बाद में आईएसआईएस आतंकी बनने के लिए इराक, सीरिया और अफगानिस्तान भेज दिया। द केरल स्टोरी 5 मई को हिंदी, तमिल, तेलुगू और मलयालम भाषा में रिलीज होगी। ट्रेलर में कहानी की शुरुआत शालिनी उन्नीकृष्णन नाम की लड़की से होती है, जिसका किरदार अदा शर्मा ने निभाया है।
ट्रेलर हो चुका है रिलीज
द केरल स्टोरी का ट्रेलर बुधवार (26 अप्रैल) को रिलीज हुआ। 2 मिनट 45 सेकंड के ट्रेलर को अब तक करीब 10 मिलियन (एक करोड़) लोग देख चुके हैं। ट्रेलर के एक-एक डायलॉग से न सिर्फ रोंगटे खड़े हो जाते हैं, बल्कि ट्रेलर की आखिरी टैगलाइन न जमीं मिली, न फलक मिला सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या इस कदर वहशियानापन इस जमीं पर हो चुका है या हो रहा है? आइए आपको आंकड़ों से रूबरू कराते हैं।
फिल्म पर यह बोले केरल के सीएम
सीएम पिनाराई विजयन के हवाले से कहा, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के उद्देश्य से और केरल के खिलाफ नफरत फैलाने के उद्देश्य से जानबूझकर बनाई गई हिंदी फिल्म द केरल स्टोरी के ट्रेलर से यह संकेत मिलता है कि यह फिल्म धर्मनिरपेक्षता की धरती केरल में खुद को धार्मिक उग्रवाद के केंद्र के रूप में स्थापित करने वाले संघ परिवार के प्रचार को फैलाने की कोशिश कर रही है।
अंदर की कहानी पर भी है विवाद
द केरल स्टोरी फिल्म के टॉपिक के साथ-साथ डायलॉग्स भी विवादों के दायरे में हैं। दरअसल, ट्रेलर में ही कई ऐसे डायलॉग्स मौजूद हैं, जिन पर आपत्ति जताई जा रही है। इनमें लड़कियों को अपने करीब लाने, उनके खानदान से अलग करने, जिस्मानी रिश्ते बनाने और प्रेग्नेंट करने तक का जिक्र है। ये सभी काम आईएसआईएस के मिशन के लिए करने के निर्देश दिए जाते हैं।