शिमला: हिमाचल में सेब के व्यापार का अलग ही महत्व है। हिमाचल के ऊपरी इलाकों जिन्हें हम अपर हिमाचल का नाम भी देते हैं वहां पर सेब का व्यापार किसानों की मुख्य आय का साधन है। अब बागवानी मंत्री भी किनोर से हैं तो यहाँ के लोगों के लिए अच्छी खबर आने के संकेत दिए हैं।
यह फैसला ले सकती है सरकार
सरकार यूनिवर्सल सेब कार्टन में सेब पैकिंग पर भी गंभीरता से विचार कर रही है, जिससे बागवानों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। प्रदेश के एपीएमसी एक्ट में संशोधन कर बागवानों के हितों की रक्षा की जाएगी।
बातचीत के बाद होगा फैसला
बागवानी मंत्री ने शुक्रवार को शिमला में कहा कि वर्तमान में मंडियों में बागवानों से बीस किलो की पेटी के आधार पर सेब खरीदने से हर साल आर्थिक क्षति होती है। एक पेटी में करीब 30 किलो तक सेब भरा जाता है। इससे बागवानों के सेब के पूरे दाम नहीं मिलते हैं। नई सरकार ने सत्ता आते ही बागवानों की चिंता करनी शुरू कर दी है। कहा कि नई व्यवस्था करने से पहले सरकार बागवानों के प्रतिनिधियों से भी वार्ता करेगी।
शीघ्र होगा पुराना भुगतान
मंत्री ने कहा कि यूनिवर्सल कार्टन लागू होने से बागवानों को फायदा होगा। इसमें दस या बीस किलो से ज्यादा सेब नहीं भरना होगा। पेटी के हिसाब से मंडियों में बीस किलो के दाम मिल पाएंगे। कहा कि कुछ लोग बागवानों को गुमराह कर रहे हैं। सरकार प्रदेश के बागवानों से मंडी मध्यस्थता योजना के तहत खरीदे सेब का 83करोड़ का भुगतान शीघ्र करेगी।