चंडीगढ: आज हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र चल रहा था। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक लाख 77 हजार 255.99 करोड़ का हरियाणा सरकार ने इस वर्ष कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों पर 5988.76 करोड़ का बजट रखा है जो पिछले वर्ष के मुकाबले 27.7 प्रतिशत अधिक है। बजट को पेश किया। उल्लेखनीय है कि हरियाणा में के बजट पर सबसे ज्यादा नजर प्रदेश के किसानों की रही होगी। आइये आपको बताते हैं कि वित्तीय बजट 2023-24 में हरियाणा सरकार की और से क्या-क्या मिला है।
1- हरियाणा में इस वर्ष किसानों से खरीफ और जायद मक्का की खरीद भी न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी पर की जाएगी।
2- सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि 30 नवंबर 2022 तक फसली ऋण या अन्य लघु या मध्यम अवधि के ऋण की मूल राशि का भुगतान करने पर ब्याज की पूरी राशि को माफ किया जाएगा।
3- प्रगतिशील किसानों के सहयोग से प्रगतिशील किसान कृषि दर्शन योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत किसानों के टूर और प्रशिक्षण का खर्च हरियाणा सरकार देगी।
4- प्रधानमंत्री फसल बीमा से 16 लाख नए किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने बजट में 605.75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
5- राज्य में प्राकृतिक खेती या जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नया कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। कार्यक्रम के तहत तीन साल का उत्पादन आधारित प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत 100 क्लस्टर्स स्थापित किए जाएंगे। इसमें प्रति क्लस्टर को कम से कम 25 एकड़ भूमि पर शुरू किया जाएगा।
6- संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाज का वर्ष घोषित किया है। इसके तहत सरकार बाजरे की ब्रांडिग के लिए 50 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता देगी। साथ ही बाजरा एवं अन्य मोटे अनाजों में अनुसंधान के लिए भिवानी में एक क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जा रहा है।
7- राज्य के हॉर्टिकल्चर विजन के अनुसार वर्ष 2030 तक बागवानी क्षेत्र को दोगुना और उत्पादन को तीन गुना करने की योजना है। इसके लिए सरकार वर्ष 2022-23 में योजना के तहत 100 पैक हाउस की स्थापना के लिए सहायता प्रदान करेगी।
8- धान उत्पादक क्षेत्रों और अन्य अनाज फसलों को विशेष रूप से लक्षित करते हुए बागों, सब्जियों और मसालों में फसल विविधिकरण के लिए नई योजना शुरू की जाएगी। वर्ष 2022-23 में कुल 20,000 एकड़ क्षेत्र को इस नए कार्यक्रम के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है।
9- किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन में रोजगार सृजन करने के लिए वर्ष 2022-23 में 1 लाख अन्त्योदय परिवारों को डेयरी की पशुधन इकाईयों, भेड़ों, बकरी, सुअर पालन और बैकयार्ड पोल्ट्री की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
10- राज्य में बागवानी मशीनरी को बढ़ावा देने और किसानों को किराए पर मशीनें उपलब्ध करवाने हेतु 5 मशीन बैंक केंद्रों की स्थापना के लिए एक नया कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है।
11- वित्त वर्ष 2022-23 में राज्य की 12 लाख एकड़ भूमि में उत्पादित किसानों की बागवानी फसलों का बीमा किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के लिए 10 करोड़ रुपए की राशि जारी की हैं।
12- पशुओं में नस्ल सुधार के लिए एम्ब्रयो ट्रांसफर टेक्नालोजी (ई.टी.टी.) घटक को शामिल किया गया है जिसमें पशुपालन किसानों को देसी नस्ल के दुधारू पशुओं में ई.टी.टी. अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और ई.टी.टी. से पैदा होने वाले बछड़ों के लिए 10,000 रुपए का प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।