नई दिल्ली: अयोध्या नगरी में राम मंदिर का भव्य निर्माण कार्य जारी है। मंदिर को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए खास तरह के पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भगवान राम की बाल मूर्ति के निर्माण के लिए विशेष तैयारिंया की जा रही हैँ। जिसके लिए नेपाल की पवित्र नदी कालीगण्डकी से शिला मंगाई गई है।
नेपाल की शिलाएं पहुंचेगी अयोध्या
राम मंदिर को अलौकिक और भव्य बनाने का खास इंतजाम किया जा रहा है। मंदिर निर्माण के लिए नेपाल की शिलाएं अयोध्या नगरी पहुंच रही हैं। नेपाल के गण्ड की प्रदेश सरकार ने गुरुवार को अयोध्या ले जाने वाली शिला जनकपुर के जानकी मंदिर को सौंप दी है। जहां से ये 30 जनवरी को अयोध्या भेजी जाएगी। बता दें ये दो शिलाएं 23 टन और 15 टन की हैं।
गर्भगृह की मूर्ति में होगा शिला का उपयोग
नेपाल से भेजी जा रही शिलाओं का उपयोग राम मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्रीराम के बाल रूप की प्रतिमा बनाने में किया जाएगा। राम मंदिर की मूल छवि नेपाल के देवशिला की होगी। जानकारों का मानना है कि इससे कालीगण्डकी इलाकें के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और भी मजबूत होंगे।
नेपाल कैबिनेट में लिया गया फैसला
पिछले साल 15 दिसंबर को नेपाल की कैबिनेट बैठक में कालीगण्डकी नदी की शिला को अयोध्या भेजने का फैसला किया गया था। उसके बाद प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा ने गण्ड की प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कृष्ण चंद्र नेपाली से शिला प्राप्ति की आवश्यक व्यवस्था के लिए अनुरोध किया था। जिसके बाद वहां की प्रदेश सरकार ने शिलाओं को भारत भेजने की प्रकिया शुरू की।
भारत-नेपाल रिश्ते को मिलेगी मजबूती
विश्व हिंदू परिषद नेपाल के महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अयोध्या में राम की मूर्ति तैयार करने में नौ महीने का समय लगेगा। पूर्व उप प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता निधि ने कहा कि अयोध्या में बनने वाले श्री राम मंदिर के गर्भगृह में नेपाल स्थित कालीगण्डकी से ली गई शिला से तराशी गई मूर्ति रखने का महत्व हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि हमें इस कार्य को करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिसपर हमें गर्व है। इससे नेपाल और भारत के बीच सदियों से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंध और भी मजबूत होंगे।
2 साल से चल रहा राम मंदिर का निर्माण
श्री राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राम मंदिर का निर्माण मार्च 2020 से शुरू हुआ था। राम मंदिर 70 एकड़ जमीन पर बन रहा है, जिसकी लंबाई 360 फीट, चौड़ाई 235 फीट और ऊंचाई 161 फीट होगी। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट में कहा गया है कि मंदिर में पांच मंडप और बीच में एक गर्भगृह होगा। गर्भगृह भूतल पर होगा, जबकि प्रथम तल पर राम दरबार का निर्माण किया जा रहा है।
2024 में होगा भव्य राम मंदिर का उद्घाटन
राम मंदिर का निर्माण अगले साल तक पूरा हो जाएगा। संभवत: जनवरी 2024 में भव्य राम मंदिर का उद्घाटन होगा। इसके बाद श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर पाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंदिर और परिसर के निर्माण में लगभग 20 अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि सिर्फ मंदिर के निर्माण में साढ़े पांच अरब रुपये खर्च होंगे। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के परियोजना निदेशक वीके मेहता के अनुसार अब तक श्रद्धालुओं द्वारा 32 अरब रुपये से अधिक का सहयोग दिया जा चुका है।