#RIPKing:चाय की गुमटी पर काम करने से फुटबॉल का किंग बनने तक पेले का सफर….

फुटबॉल के महान खिलाड़ी पेले अब इस दुनिया में नहीं हैं। ब्राजील के दिग्गज पेले ने 82 साल की उम्र में अपने जीवन की अंतिम सांस ली। पेले के निधन से फुटबॉल जगत में गहरे शोक की लहर है। पेले से फुटबॉल की बारीकियां सीखने और उनकों अपनी प्रेरणा मानने वाले स्टार फुटबॉलर्स, अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी, पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो और ब्राजील के नेमार ने उन्हेंश्रद्धांजलि दी है।

चाय की गुमटी पर किया काम

पेले का बच्च्पन बेहद तकलीफों और आर्थिक तंगी में बीता था। उनके पिता एक सफाई कर्मी थे। उनकी आर्थिक स्थिति बहुत बदहाल थी। वो बड़े ही मुश्किल से अपने परिवार का पालन-पोषण कर पाते थे। आर्थिक बदहाली के कारण पेले ने एक चाय की गुमटी पर काम करना शुरू किया। बच्चपन में ही उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी। बावजूद इसके उन्होंने फुटबॉल खेलने के अपने शौक को जिंदा रखा।

17 साल की उम्र में दागा गोल

फुटबॉल के जादूगर पेले के नाम दर्जनों रिकॉर्ड दर्ज हैं। उनके नाम एक खास कीर्तिमान है जो उन्होंने करियर की शुरूआत में रच दिया था। पेले मात्र 17 साल की उम्र में1958 वर्ल्ड कप में वेल्स के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में फीफा वर्ल्ड कप का पहला गोल दागा था। उन्होंने उसी वर्ल्ड कप में फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में हैट्रिक गोल भी दागे थे।

ब्राजील को 3 बार बनाया चैंपियन

पेले ने अपने देश ब्राजील को 3 बार फीफा वर्ल्ड कप जीताया। वो 1958, 1962 और 1970 में वर्ल्ड कप जीतने वाली ब्राज़ील टीम का हिस्सा रहे।

1281 गोल करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड

पेले ने 21 साल तक इंटरनेश्नल फुटबॉल खेला। उन्होंने अपनी टीम को एक से एक बेहतरीन मैच जीताए। अपने करियर के 1363 मुक़ाबलों में उनके नाम 1,281 गोल करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। उन्हें साल 2000 में फ़ीफ़ा के प्लेयर ऑफ द सेंचुरी के खिताब से नवाजा गया।

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