Coronavirus: कोरोना को लेकर विशेषज्ञों का दावा…लोगों को घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली: चीन, अमेरिका, जापान सहित कुछ देशों में तेजी से बढ़ते कोरोना को देखते हुए लोगों में डर तो बन ही गया है। लोग पिछली स्थिति की परिकल्पना कर सहमे हुए है। इसी कड़ी में समस्या आने से पहले समाधान तैयार रखने हेतू स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भी सभी राज्यों को कोरोना को लेकर चेताया गया है। साथ ही देश में टेस्टिंग भी बढ़ा दी गई है।दुनिया में कोरोना की लहरों से डरे लोगों के लिए एक राहत भरी खबर आ रही है कि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारत में स्थिति काफी नियंत्रित है, लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

लॉकडाउन लगाने की कोई जरूरतनहीं- विशेषज्ञ

एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि, भारत मेंवर्तमान कोविड परिदृश्य को देखते हुए फिलहाल ऐसा कहा जा सकता है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को प्रतिबंधित करने या देश में लॉकडाउन लगाने की कोई जरूरत नजर नहीं आती। मीडिया से बातचीत में गुलेरिया ने कहा किभारतीय लोगों में हाइब्रिड इम्युनिटी देखी जा रही है, ऐसे में अगर यहां संक्रमण बढ़ता भी है तो भी गंभीर मामले या रोगियों के अस्पालों में भर्ती होने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

हालांकि सभी लोगों को बचाव के उपायों का लगातार पालन करते रहने की जरूरत है। थोड़ी सी सावधानी बरतकर हम संक्रमण की एक और लहर के जोखिम को कम कर सकते हैं। अच्छे टीकाकरण कवरेज और प्राकृतिक संक्रमण के कारण भारतीय आबादी में पहले से ही हाइब्रिड प्रतिरक्षा है, इसलिए लोगों को पैनिक नहीं होना चाहिए।

भारत में चीन जैसी हालात होने की आशंका नहीं- BHU

कोरोना के नए वैरिएंड ओमीक्रॉन बीएफ7 को लेकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय केशोधकर्ता प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे का कहना है कि, अध्ययनों में ओमिक्रॉन BF.7 की प्रकृति जिस प्रकार की देखी जा रही है, उससे भारतीय लोगों मेंगंभीर रोग या अस्पतालों में भर्ती होने की आशंका काफी कम है।

ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा कि कोरोना के पिछले तीन लहरों में देश की बड़ी आबादी संक्रमित होकर ठीक हो चुकी है, इसके अलावा सुरक्षात्मक रूप से देश में वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज भी ज्यादातर लोगों को मिल चुका है, जो इन वैरिएंट्स के कारण होने वाली कठिनाइयोंसे बचाने में मददगार है। ऐसे में भारत में चीन जैसे हालात होंगे, इसकी आशंका नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *