सशक्त प्रधानमंत्री और विकास के महानायक है नरेंद्र मोदी: स्वामी चिदानंद

ऋषिकेश: परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती और सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक गायक पद्मश्री कैलाश खेर और अन्य विशिष्ट अतिथियों की पावन उपस्थिति में सुरेन्द्र कुमार जैन जी की कृति नरेन्द्र के नाम सुरेन्द्र की पाती के विमोचन समारोह में सहभाग किया।

पुस्तक के विमोचन समारोह की अगुआई करते हुए चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सुरेन्द्र जैन नरेन्द्र के नाम सुरेन्द्र की पाती अत्यंत उत्कृष्ट पुस्तक लेखन किया है। उन्होंने बताया कि सैद्धान्तिक परिचय के बाद जब भी कोई पाठक माननीय नरेन्द्र मोदी जी को समर्पित इस अनमोल ग्रंथ नरेन्द्र के नाम सुरेन्द्र की पाती का स्वाध्याय करेंगे तो उन्हें स्वाभाविक रूप से नरेन्द्र मोदी के जीवन में ऊर्जावान, कर्मयोगी, कर्मठ व्यक्तित्व की झलक मिलेगी तथा वैसा ही जीवन जीने की प्रेरणा भी मिलेगी।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारत, नाम लेते ही भारत का ऐतिहासिक इतिहास, स्वर्णिम आध्यात्मिक गाथा और एक शानदार युग याद आता है। भारत का सौभाग्य है कि 21 वीं सदी में नरेन्द्र मोदी के रूप में सशक्त प्रधानमंत्री और विकास के महानायक हमारे पास हैं। वे आत्मविश्वास, आत्मबल और संकल्पों से भरे हुये आध्यात्मिक पुरोधा हैं जो अपने राष्ट्र के लिये समर्पित और संकल्पित है।

स्वामी चिदानंद ने कहा कि नरेंद्र मोदी एक ऐसे कर्मयोगी और ऊर्जावान व्यक्तित्व के पुरोधा हैं जो न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व को एक नई ऊर्जा प्रदान कर रहे है। वे पद, प्रतिष्ठा, के लिये नहीं बल्कि निष्ठा के साथ कार्य करते हुये राष्ट्र सेवा को समर्पित जीवन जी रहे है। उनका हर फैसला साहसिक और दूरगामी परिणाम वाला होता है। उनके नेतृत्व में हमारा राष्ट्र अखंड भारत के साथ-साथ आत्मनिर्भर, स्वच्छ, सुन्दर, समृद्ध और समुन्नत भारत बनने की दिशा में अग्रसर हो रहा है।

नेता और राजनेता तो बहुत होते हैं परन्तु दिलों पर राज करने वाले कुछ चुने हुये व्यक्तित्व ही होते हैं। वास्तव में जमीनी स्तर पर बदलाव करने वाले और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले व्यक्तित्व कभी-कभी ही धरती पर जन्म लेते है। नरेंद्र मोदी उनमें से एक हैं जिन्होंने भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिकता को केन्द में रखकर विकास की नई गंगा प्रवाहित की है।

भारतीय संस्कृति के ज्योतिर्धर नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत आज एक नया माहौल, नये सवेरे का अनुभव कर रहा है। उनके द्वारा उठाया गया हर कदम एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रहा है। हिमालय जैसा विराट व्यक्तित्व और गंगा जैसी पवित्रता और चारित्रिक ईमानदारी लिये वे मन की बात के माध्यम से जब अपने देशवासियों से संवाद स्थापित करते हैं तो लगता है मानों भारत के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्ति के दर्द को वे सहजता से महसूस कर रहे हैं।

इस अवसर पर सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, स्वामी जयन्त सरस्वती, प्रो जगमोहन सिंह राजपूत, डा सोमेन्द्र तोमर, विनय कुमार जैन,सुरेन्द्र कुमार जैन, सौरभ सुमन, अनामिका जैन अम्बर और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने सहभाग किया।

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