अरुण गोयल की मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में अपॉइंटमेंट को लेकर विवाद पैदा हो गया है। आपको बता दें कि कोर्ट ने बुधवार को केंद्र से अपॉइंटमेंट की फाइल मांगी थी। अब इस पर खुद न्यायालय ने सवाल उठाये हैं कि आखिर इतनी आनन्-फानन में नियुक्ति क्यों की गई है। अभी कुछ दिन पहले ही नौकरशाह अरुण गोयल ने मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला है।
जस्टिस केएम जोसेफ की बैंच ने उठाये सवाल
संविधान पीठ के सामने हुई लंबी बहस के बाद बेंच ने मामले पर फैसला सुरक्षित रखा है। जस्टिस केएम जोसेफ की अगुआई वाली बेंच में जस्टिस अजय रस्तोगी, जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस सीटी रविकुमार इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में यह की टिपण्णी
मामले में टिपण्णी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सवाल केंद्र सरकार से किये हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- चुनाव आयुक्त के अपॉइंटमेंट की फाइल इतनी जल्दी कैसे क्लियर की गई। इतनी जल्दबाजी इसमें क्यों बरती गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपॉइंटमेंट प्रोसेस पर सीधा सवाल खड़ा किया है।
1985बैच के आईएएस हैं अरुण गोयल
आपको बता दें कि अरुण गोयल 1985 बैच के आईएएस हैं। अरुण गोयल ने उद्योग सचिव पद से 18 नवंबर को वीआरएस लिया था। इस पद से उन्हें 31 दिसंबर को रिटायर होना था। गोयल को 19 नवंबर को चुनाव आयुक्त अपॉइंट कर दिया गया।