पूरा देश हर्षोल्लास के साथ दीपावली का त्यौहार मना रहा है। राष्ट्रपति ने देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की। एक ट्वीट के जरिए उन्होंने अपनी शुभकामनाओं में कहा – सभी देशवासियों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं! प्रकाश और उमंग के इस पवित्र त्योहार पर, हम ज्ञान और ऊर्जा के दीपक को प्रज्ज्वलित करते हुए जरूरतमंद लोगों के जीवन में भी खुशियां लाने का प्रयास करें।
सभी देशवासियों को दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं! प्रकाश और उमंग के इस पवित्र त्योहार पर, हम ज्ञान और ऊर्जा के दीपक को प्रज्ज्वलित करते हुए जरूरतमंद लोगों के जीवन में भी खुशियां लाने का प्रयास करें। मैं इस महापर्व पर सभी देशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हूं।
President of India (@rashtrapatibhvn) October 24, 2022
रोशनी के इस पर्व पर घर में दीपक जलाने के पूर्व पहले थाल में पांच दीपक रखकर उन्हें फूल आदि अर्पित करके पूजा कर लें और फिर घर के अलग-अलग हिस्सों में दीपक रखना शुरू करें। घर के अलावा, कुएं के पास और मंदिर में भी दीपक जलाएं। दिवाली पर मां लक्ष्मी की आरती बहुत ही शुभ और फलदायी मानी जाती है। प्रवेश द्वार पर रंगोली और पादुका लगाकर देवी लक्ष्मी का स्वागत करें ताकि देवी लक्ष्मी को घर आने और समृद्धि लाने का संकेत मिले।
हर व्यक्ति धन और समृद्धि पाने के लिए धन की देवी के रूप में देवी लक्ष्मी की पूजा करता है। दिवाली का उत्सव रोशनी के त्यौहार को और अधिक खुशहाल बनाता है और देवी लक्ष्मी को बहुत खुश करता है। दीवाली की रात लोग लक्ष्मी की पूजा करते हैं और अपने दरवाजे खुले रखते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि लक्ष्मी आएगी।
दीपावली पूजन का शुभ मुहूर्त
दीपावली यानि 24 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 2 मिनट से रात 8 बजकर 23 मिनट तक प्रदोष काल यानी की संध्या के समय मां लक्ष्मी की पूजा का उत्तम समय है… दीपावली पर चौघड़िया देखकर भी मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है…ऐसे में लाभ का मुहूर्त बहुत शुभ माना गया है…. दीपावली की रात 10 बजकर 36 मिनट से अगले दिन 12 बजकर 11 मिनट पर लाभ का मुहूर्त रहेगा।
निशिता मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन
धन की देवी की आराधना के लिए निशिता मुहूर्त यानी की आधी रात को मां लक्ष्मी की पूजा का मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना जाता है… इस समय देवी लक्ष्मी घर-घर में विचरण करती है और मां लक्ष्मी की पूजा से सहस्त्ररुप सर्व व्यापी लक्ष्मीजी सिद्धि होती हैं…. 24 अक्टूबर 2022 को निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 46 मिनट से प्रात: 12 बजकर 37 मिनट तक रहेगा…
कैसे करें लक्ष्मी पूजन
एक चौकी पर लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां रखें… गणेश जी की मूर्ति मां लक्ष्मी के दायीं दिशा में रहें और उनका मुख पूर्व दिशा की ओर रहे… उनके सामने बैठकर चावल पर कलश की स्थापना करें… वरुण के प्रतीक इस कलश पर एक नारियल लाल वस्त्र में लपेटकर ऐसे रखें कि केवल ऊपर वाला भाग ही दिखाई दे… दो बड़े दीपक लेकर एक में घी और दूसरे में तेल भरकर रखें। एक को मूर्तियों के चरणों में और दूसरे को चौकी की दाई तरफ रखें… चौकी पर रखें गणेशजी के सामने एक छोटा सा दीपक रखें… इसके बाद शुभ मुहूर्त के समय जल, मौली, अबीर, चंदन, गुलाल, चावल, धूपबत्ती, गुड़, फूल, नैवेद्य आदि लेकर सबसे पहले पवित्रीकरण करें…फिर सारे दीपकों को जलाकर उन्हें नमस्कार करें… उनपर चावल छोड़ दें… फिर लक्ष्मीजी व अन्य देवी-देवताओं का विधिवत् पूजन कर आरती करें।
रातभर दीपक जलाएं
मां लक्ष्मी की पूजा के बाद एक बड़ा दीपक देवी के समक्ष रातभर जलाने की परंपरा है…. कहते हैं मां लक्ष्मी रात में ही पृथ्वी पर घूमती हैं. मां लक्ष्मी को बहुत चंचल माना गया है. दीपक लगाकर इन्हें सदैव घर में निवास करने का विधान है…. मान्यता है इससे देवी घर से जाती नहीं और जातक को धन, यश, वैभव, कीर्ति, आरोग्य प्राप्त होता है….