बिहार की राजधानी पटना के दानापुर में लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने तीन सिपाही को गिरफ्तार किया है। इनपर आरोप है कि इन्होंने तीन पुलिसकर्मियों पर आलू से लदे एक वैन चालक पर रिश्वत नहीं देने पर गोली मार देने का आरोप लगा है। हालांकि बाद में तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़ित का नाम सोनू शाह है जो नदी किनारे से दानापुर शहर के लिए आलू ला रहा था। पटना के पास तीन पुलिसवालों के साथ उसकी बहस हो गई।जिसके बाद पुलिसवालों ने उसके पैर में गोली मार दी।
सोनू ने सिपाही पर आरोप लगाते हुए कहा, मुझे सबसे पहले वाहन को पुलिस स्टेशन ले जाने के लिए कहा गया। उन्होंने मुझे संकेत दिया कि मुझे वरिष्ठ अधिकारियों से बात करनी पड़ेगी या फिर मामला पांच हजार रुपये देकर सुलझाया जा सकता है। सोनू का पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। तीनों कांस्टेबल पर रिश्वत मांगने और हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हो गया है।
वहीं बिहार ट्रक मालिक एसोसिएशन (बीटीओए) ने आरोप लगाया है कि राज्य भर के कई चेकपोस्टों पर पुलिसकर्मी आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले ट्रकों को रोक रहे हैं और उन्हें रिहा करने के लिए रिश्वत मांग कर रहे हैं। बीओटीए अध्यक्ष भानू शंकर प्रसाद ने कहा कि पिछले तीन दिनों में उन्हें बहुत से ड्राइवर्स के फोन आए हैं जिन्हें चेकपोस्टों पर रोका गया है।
उन्होंने कहा, चेकपोस्टों पर रोके जाने वाले दर्जभर ड्राइवर जरूरी सामान लेकर जा रहे हैं। इस तरह का एक मामला गुरुवार को मोतिहारी के अरेराज से सामने आया। पुलिस अप्रत्यक्ष रूप से रिश्वत मांग रही है। जिससे कि आपूर्ति श्रृंखला बाधित होगी और चीजों का संकट पैदा हो जाएगा। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि वे विशिष्ट शिकायतों पर गौर करेंगे।