मध्यप्रदेश में पूर्व कोंग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जब से बीजेपी ज्वाइन की हैं तब से प्रदेश में कोहराम मच गया हैं। वहीँ सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद प्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर गयी। वहीँ सरकार गिरने से पहले कमलनाथ ने अपने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। संधिया के कांग्रेस छोड़ने से उनके साथ 22 विधायक आये थे। वहीँ प्रदेश में विद्रोही कांग्रेस विधायक आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए शामिल होने के बाद वो विधायक आज अपने पार्टी नेता शिवराज सिंह चौहान के आवास पर मिले।
वहीँ प्रदेश में सरकार बनाने शिवराज सिंह चौहान ने कहा हैं कि सरकार बहुमत खो चुकी है, ऐसी स्थिति में कोई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला लेना का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष को नहीं है। लेकिन वो लगातार दबाव डाल रहे हैं कि श्री शरद कोल का इस्तीफा स्वीकार किया जाए, यह पक्षपातपूर्ण है। साथ ही साथ कहा कि आज राज्यपाल से हमने प्रार्थना की है कि ऐसी स्थिति में वो हस्तक्षेप करें और विधानसभा अध्यक्ष को इस तरह के गलत निर्णय जिनको लेने का अधिकार उनको नहीं है, उनको रोकें।