मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य में चल रहे सियासी संकट को लेकर दिल्ली में कमलनाथ सरकार के कई मंत्रियों के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत की और कहा कि भाजपा ने मध्य प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की है।
दिग्विजय सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कमलनाथ सरकार पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि मैं जो कहता हूं बिना प्रमाण के नहीं कहता हूं, अब साबित हो गया। उन्होंने कहा बीजेपी ने विधयाकों को खरीदने का प्रयास किया, थैले भर भरके नोट ऑफर किए गए, मगर हमारे विधायक बिकाऊ नहीं हैं।
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा, कल रात को बीजेपी ने दो चार्टर्ड प्लेन किए। माननीय विधायकों को बैंगलोर ले जाने के लिए। एक 12 सीटर था और एक 9 सीटर था। 12 सीटर प्लेन में 4 विधायक थे। और 6 जो विधायकों को पकड़े हुए थे वो गए। उसमें तीन कांग्रेस के थे। बिसाहूलाल सिंह जी, रघुराज कंसाना जी, हरदीप डांग जी और एक निर्दलीय विधायक श्री सुरेंद्र सिंह जी।
उन्होंने कहा, हमारे विधायकों के फोन भाजपा नेताओं ने छीन लिए थे। ये संपर्क नहीं कर पा रहे थे और इन्हें धोखा देकर वहां ले जाया गया। रघुराज कंसाना जी दो घंटे तक जद्दोजहद करते रहे कि मुझे प्लेन में नहीं बैठना। जबरदस्ती उन्हें प्लेन में बैठाया गया। बिसाहूलाल सिंह जी नहीं जाना चाहते थे। नरोत्तम मिश्रा जी और उनके साथ कुछ एंटी सोशल एलीमेंट थे। जीतू पटवारी जी और जयवर्धन जी के सामने धौंस देकर और धक्का देकर बिसाहूलाल सिंह जी को ले गए।
दिग्विजय सिंह ने कहा, बिसाहूलाल सिंह जी हमारे सबसे वरिष्ठ आदिवासी विधायक हैं। भूतपूर्व मंत्री हैं। मेरी कैबिनेट में रहे उनकी पत्नी और बेटों का फोन आया। उन्होंने पूछा बिसाहूलाल सिंह जी कहां हैं, बात नहीं हो पा रही? मैंने उनसे कहा कि हम बिसाहूलाल सिंह जी से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरा चार्टर प्लेन भी रात में ही जाने वाला था फिर कोई एमएलए नहीं मिला। वो जो चार्टर प्लेन था 9 सीटर जिसमें शिवराज सिंह जी सारे विधायकों को बेंगलुरु भेजकर मुख्यमंत्री बनने के लिए दावा पेश करने वाले थे, उनका पीएस नीरज वशिष्ठ और गनमैन ये बेंगलुरु के बजाए भोपाल पहुंच गए हैं। अब आप इस बारे में समझ सकते हैं कि क्या हाल है।
वहीं जब पत्रकारों ने दिग्विजय सिंह से पूछा कि भाजपा की तरफ से विधायकों को क्या ऑफर किया गया? तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता। मैं बिना तथ्यों के कोई बात नहीं कहता हूं। और इसमें जो मैंने कहा था, जिन एमएलए की सूचना मुझे मिल रही है उसमें यही था कि पहली किश्त 5 करोड़। उसके बाद राज्यसभा के चुनाव में दूसरी किश्त और तीसरी किश्त सरकार गिराने के लिए. ये पैसा तीन किश्तों में दिया जाना था। इसके हमारे पास प्रमाण भी हैं। जब हम चाहेंगे दिखाएंगे। अभी नहीं दिखाएंगे। धौंस डपट पैसा दादागिरी ये सब भारतीय जनता पार्टी के संस्कार और संस्कृति में है। विशेषकर अमित शाह जी जबसे बने हैं गृहमंत्री तबसे कुछ ज्यादा बढ़ गया है।