राजनीति में कब कौन कहाँ किससे भिड़ पड़े इसका अंदाज़ा लगा पाना थोड़ा मुश्किल होता है, विपक्षियों पर हमला बोलते बोलते जब नेता अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने लग जाते हैं तो सरकार को थोड़ा असहज होना पड़ता है, ताज़ा मामला मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार का है जहाँ सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ सरकार के खिलाफ अतिथि शिक्षकों के लिए सड़क पर उतरने की धमकी दी है. और जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर वह ऐसा करना चाहते हैं तो करें.
मध्य प्रदेश में 15 सालों का सूखा झेलने के बाद सत्ता पर काबिज हुयी काँग्रेस पार्टी में गुटबाजी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस मामले में सोनिया गाँधी से मिलकर इस पर चर्चा की थी जिसके बाद सोनिया गाँधी ने इस पर नाराज़गी ज़ाहिर की थी. पार्टी के अंदर चल रही यह गुटबाजी काँग्रेस पार्टी के लिए बड़ी चुनौती नज़र आ रही है और यही गुटबाजी उसको बेहद नुकसान भी पहुँचा सकती है.
गौरतलब है कि हाल ही में टीकमगढ़ जिले में एक सभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा था कि अतिथि शिक्षकों को मैं भरोसा देना चाहता हूँ कि आपकी मांग मैंने चुनाव के पहले भी सुनी थी और मैंने आपकी आवाज़ भी उठाई थी और आपकी मांग जो हमारी सरकार के घोषणापत्र में अंकित है अगर उस घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा ना किया गया तो अपने को सड़क पर अकेले मत समझना, आपके साथ सड़क पर ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उतरेगा, सरकार को बने हुए अभी एक साल ही हुआ है इसलिये शिक्षकों को थोड़ा सब्र रखना चाहिये.
इसके बाद जब मुख्यमंत्री कमलनाथ से पत्रकारों ने इस पर प्रतिक्रिया लेनी चाही तो कमलनाथ ने दो टूक में जवाब देते हुए कहा कि तो उतर जाएं
मध्य प्रदेश में सरकार के खिलाफ पहले भी ज्योतिरादित्य कई बार बयान देकर सुर्खियों में रह चुके हैं, अपनी ही सरकार के खिलाफ बयान देने से काँग्रेस पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है जिसका विपक्षी दलों के नेता खूब मज़े बटोर रहे हैं.