देश भर में नए नागरिकता कानून को लेकर दंगे हो रहें है. इसी को लेकर गृह मंत्रालय से जुड़े हुए सूत्रों का कहना है कि,
भारत में शरणार्थियों के बड़ी संख्या में आने का डर निराधार है, केवल उन्हें ही नागरिकता दी जाएगी जो दीर्घकालिक विजा लेकर भारत आए हैं.
बता दें कि सूत्रों का दावा है कि नागरिकता के लिए 31दिसंबर 2014से पहले रह रहे लोगों को ही नागरिकता दी जाएगी. गृह मंत्रालय के अधिकारियों का दावा है कि पूर्वोत्तर के नागरिकों को इस कानून से डरने की जरूरत नहीं है. उन्हें पहले ही शेड्यूल 6और आईएलपी प्रोटेक्शन मिला हुआ है.