लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा जारी है. सरकार आज ही बिल पास कराना चाहती है. कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी और डीएमके समेत अन्य विपक्षी पार्टियां बिल को संविधान के खिलाफ बताते हुए विरोध कर रही हैं. वहीं सत्तारूढ़ बीजेपी को नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू, जगनमोहन रेड्डी की पार्टी YSRCP और तेलंगाना राष्ट्र समिति का साथ मिला है. नागरिकता संशोधन बिल पर जेडीयू ने कल तक रुख स्पष्ट नहीं किया था. हालांकि आज लोकसभा में बिल का समर्थन किया.
जेडीयू सांसद राजीव रंजन सिंह ने लोकसभा में कहा, हम इस बिल का समर्थन करते हैं. इस बिल को भारतीय नागरिकों के बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. अगर पाकिस्तान के सताए गए अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दी जाती है तो मुझे लगता है कि यह सही बात है.
इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन विधेयक को ऐतिहासिक करार देते हुए सोमवार को कहा कि यह बीजेपी के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है. उन्होंने कहा कि 2014और 2019के लोकसभा चुनाव में देश के 130करोड़ लोगों ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाकर इसकी मंजूरी दी है.