इमरान खान के खिलाफ इस्लामाबाद में पाकिस्तानी आज़ादी मोर्चा का आज 5वां दिन है। मोर्चे का नतृत्व कर रहे मौलाना फजलुर्रहमान सरकार से किसी भी तरह से हार नहीं मानने वाले हैं। वे अभी भी अपनी मांगो पर टिके हुए हैं और जल्द से जल्द इमरान का इस्तीफा की मांग कर रहे हैं। वहीं आजादी मार्च से डरी पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने उलमा-ए-इस्लाम संगठन के प्रमुख फजलुर्रहमान से सीधे दो-दो हाथ करने के बजाए बातचीत के जरिए प्रदर्शन को खत्म करने की कोशिशों में जुट गई है।
ख़बरों के अनुसार, इमरान खान सरकार की ओर से वार्ताकारों की दो टीमों ने सोमवार को जेयूआई-एफ से संपर्क किया। पूर्व प्रधानमंत्री सुजात हुसैन की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार रात को मौलाना से मुलाकात की। पर इन सब का कोई फायदा नहीं हुआ क्योकि मुलाकात में कोई नतीजा सामने नहीं आया है।
साथ ही 66 वर्षीय मौलाना झुकने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हम आगे बढ़ते रहेंगे और कभी पीछे नहीं हटेंगे। साथ ही पीपीपी प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी किसी भी कीमत पर सरकार को उखाड़ फेंकने की कसम खाई है। उन्होंने सरकार के बजट की आलोचना करते हुए कहा कि इस सरकार ने लोगों का जीवन जहन्नुम बना दिया है। उन्होंने भी इस विरोध मोर्चा को अपना पूरा समर्पण दिया है।