उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन फेल होने के बाद कांग्रेस (Congress) पार्टी ने 2019 लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया. प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को मैदान में उतारा लेकिन नतीजा सिफर ही रहा. यूपी जीतने निकली कांग्रेस महज रायबरेली की अपनी सीट बचा सकी, अर्से बाद उसकी अमेठी सीट भी छिन गई. लोकसभा चुनाव के बाद से ही कांग्रेस संगठन पर तमाम सवाल उठने शुरू हुए. जिसके बाद पार्टी ने ज्यादातर इकाइयों को भंग कर दिया.
इसी क्रम में शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी दिल्ली में यूपी कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ बैठक कर रही हैं. संगठन के लिहाज से ये बैठक अहम मानी जा रही है. माना जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रत्याशियों के चयन पर निर्णय हो सकता है, वहीं उत्तर पदेश कांग्रेस कमेटी को नया अध्यक्ष भी मिल सकता है.