भारत सरकार द्वारा e-cigarette पर बैन लगाए जाने का प्रस्ताव सामने आया है. भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने ई सिगरेट पर बैन लगाए जाने का प्रस्ताव रख है. सरकार ने यह फैसला लोगो के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए किया है. यह ख़बर मीडिया एजेंसी रायटर द्वारा सामने आई है. सरकार इस योजना से जूएल लेब्स और फिलिप मॉरिस इंटरनेशनल जैसी बड़ी विस्तारित फर्मो की योजनाओ को ख़तरे में डाल सकती है. यह बड़ी बड़ी कम्पनियाँ ही है जो इसका उत्पादन और विदेशो में जाकर आयात करती है.
मंत्रालय ने ई सिगरेट पर बैन लगाए जाने की सबसे बड़ी वजह यह बताई है. कि सरकार सार्वजनिक हितों में इन उपकरणों को नहीं देखती है. सरकार का यह कहना है कि वह e- cigarette को बच्चो, युवाओ और वयस्को के बीच एक महामारी की तरह फैलने नहीं देना चाहती है. क्युकी आज कल युवाओ के बीच ऐसे उपकरणों को लेकर आपस में काफी होड़ मची हुई है. इसी को देखते हुए सरकार ने e-cigarette को बैन करने का प्रस्ताव दिया है.
मंत्रालय का कहना है कि अगर कोई भी औद्योगिक कंपनी ई सिगरेट या किसी अन्य तंबाकू के उपयोगिक पदार्थ से बनी चीज़ों का प्रोत्साहित करेगी उन्हें सरकार द्वारा बैन किया जायेगा