भाई के लम्बे उम्र के लिए इस शुभ मुहूर्त में करे पूजा

हर साल की भाति इस साल भी श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा. हिंदूओं के लिए इस त्योहार का विशेष महत्व है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई में रक्षासूत्र बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुख की कामना ईश्वर से करती हैं तो वहीं भाई अपनी बहन को उसकी रक्षा का वचन देता है.

इस बार यह त्योहार 15अगस्त (गुरुवार) को मनाया जाएगा. यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्यार विश्वास और एक-दूसरे की रक्षा करने के संकल्प के साथ मनाया जाता है. अपने भाई के लिए लंबी उम्र की कामना करने वाली बहनों के लिए इस साल रक्षाबंधन का त्योहार कई मायनों में खास रहने वाला है.

रक्षाबंधन का त्योहार गुरुवार के दिन पड़ने से इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है. ज्योतिषियों के अनुसार, कई साल बाद इस राखी पर ऐसा अद्भुत संयोग बन रहा है. जिसमें इस दिन भद्रा या कोई ग्रहण नहीं लग रहा है. जिसकी वजह से इस साल भाई और बहन दोनों के लिए रक्षाबंधन बेहद शुभ संयोग लेकर आया है.

मान्यता है कि, भद्रा काल में बहनों का अपने भाई को राखी बांधना शुभ नहीं होता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण की बहन ने भद्रा काल में ही अपने भाई को रक्षा सूत्र बांधा था, जिसकी वजह से रावण का सर्वनाश हुआ था. इस बार बहनें सूर्यास्त से पहले किसी भी समय में भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं.

मान्यता है कि, भद्रा काल में बहनों का अपने भाई को राखी बांधना शुभ नहीं होता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण की बहन ने भद्रा काल में ही अपने भाई को रक्षा सूत्र बांधा था, जिसकी वजह से रावण का सर्वनाश हुआ था. इस बार बहनें सूर्यास्त से पहले किसी भी समय में भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं.

रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

रक्षा बंधन तिथि – 15अगस्त 2019, गुरुवार

पूर्णिमा तिथि आरंभ 14अगस्त -15:45

पूर्णिमा तिथि समाप्त 15अगस्त- 17:58

भद्रा समाप्त- सूर्योदय से पहले

गुरुवार के दिन रक्षाबंधन बना अद्भुत संयोग-

हर साल अटूट प्यार और रक्षा का संकल्प लिए रक्षाबंधन का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस साल राखी का त्योहार गुरुवार के दिन पड़ने से इसका महत्व काफी बढ़ गया है. दरअसल गुरुवार का दिन गुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है.

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