मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज का 67 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद मंगलवार रात दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था. एम्स पहुंचने के कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सुषमा स्वराज काफी समय से बीमार चल रहीं थी जिसके कारण उन्होंने साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में हिस्सा लेने से भी मना कर दिया था.सूत्रों की मानें तो उन्हें हार्ट अटैक आने के बाद यहां लाया गया था. एम्स के पांच डॉक्टर्स की देख-रेख में उनका इलाज किया जा रहा था.
पूर्व विदेश मंत्री को इससे पहले भी किडनी फेल होने की समस्या के चलते यहां भर्ती कराया गया था. साल 2016में किडनी खराब होने के कारण उन्हें डायलिसिस पर रखा गया था. लेकिन ट्रीटमेंट के बाद उनकी हालत में सुधार आ गया था. इलाज के बाद से ही वह राजनीति में थोड़ा कम सक्रिय हो गई थीं. दिसंबर 2016 में सुषमा का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था. इसके अलावा वह डायबिटीज की पुरानी बीमारी से भी जूझ रही थीं. डायबिटीज होने के बाद ही उनकी किडनी खराब हुई थी.
बता दें कि हर साल किडनी के ख़राब होने के कारण लाखों लोग अपनी जान गवां देते हैं. जब तक किडनी के लक्षण उभर कर आते हैं तब तक 60 से 70 प्रतिशत किडनी ख़राब हो चुकी होती है. इसलिए आपको कुछ ऐसे चीजें बताते हैं जिससे आप किडनी की समस्या से बच सकते हैं-
परामर्श
-स्वस्थ आहार लें
-शरीर का वजन स्वस्थ सीमा में रखें
-नमक का इस्तेमाल कम करें
-अगर आपको डायरिया, उल्टी, बुखार आदि है तो डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए खूब तरल पदार्थ लें
-नियमित रूप से व्यायाम करें
-धूम्रपान या अन्य तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल न करें, धूम्रपान से किडनी में रक्तसंचार कम हो जाता है, जिससे पहले से हो चुकी समस्या गंभीर रूप ले सकती है
-पेन किलर या दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल कम करें, क्योंकि ये आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं
-अगर आप हाई रिस्क ग्रुप में आते हैं तो किडनी फंक्शन की जांच नियमित रूप से कराएं.