ऑनलाइन फूड डिलिवरी की सेवा प्रदान करने वाली कंपनी ZOMATO ने जब धार्मिक भेदभावको लेकर अपने ग्राहक से मुकबला किया तो उसे सोशल मीडिया परभी खूब समर्थन मिला. लेकिन अब यह मामला एक नया रुप लेते दिख रहा है. बता दें कि ZOMATOके बहिष्कार को लेकर #boycottzomato टैग के साथ अब सोशल मीडिया पर एक कैंपेन चलाया जा रहा है. इस टैग के साथ लोग ZOMATOको बहिष्कार करने के लिए कह रहे हैं. वहीं इस मामले को लेकर ZOMATOके मुस्लिम डिलिवरी ब्वॉय फैयाजने अपना रिएक्शन दिया है. फैयाज नेकहा कि इस घटना से मुझे काफी दुख पहुंचा है. लेकिन मैं क्या कर सकता हूं. हम काफी गरीब लोग हैं और हमारे साथ ऐसा होता रहता है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल 30 जुलाई की रात मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहने वाले पं अमित शुक्ल नाम के एक शख्स ने ZOMATO के माध्यम से खाना ऑर्डर किया था. जब अमित ने देखा कि खाना पहुंचाने आया डिलिवरी बॉय मुस्लिम है तो उन्होनें ZOMATO से डिलिवरी बॉय बदलने को कहा. उन्होनें सावन के महीने का हवाला देते हुए कहा कि इस पावन महीने में वो किसी गैर हिंदू के हाथ का छुआ खाना नही खा सकते हैं. अमित ने ट्वीट करते हुए कहा कि अभी-अभी मैंने जोमैटो से एक ऑर्डर रद्द किया. उन्होंने मेरा खाना गैर-हिन्दू व्यक्ति के हाथ भेजा और कहा कि वे इसे न तो बदल सकते हैं और न ही ऑर्डर रद्द करने पर पैसा वापस कर सकते हैं। मैंने कहा कि आप मुझे खाना लेने के लिये बाध्य नहीं कर सकते हैं. मुझे पैसा वापस नहीं चाहिये, बस ऑर्डर रद्द करो.
आपको बता दें कि ZOMATO ने भी डिलिवरी बॉय बदलने और ऑर्डर कैंसिल करने से मना कर दिया. वहीं ZOMATO ने ट्वीट करते हुए कहा कि खाना का कोई धर्म नही होता और खाना खुद ही एक धर्म है.