सोनभद्र में हुये नरसंहार के बाद एक एक कर अलग अलग पार्टियों के लोग वहां के लोगो से मिलने जा रहे है. कांग्रेस महासचिव प्रियकां गांधी के बाद अब टीएमसी नेताओं को बनारस एअरपोर्ट पर रोक दिया गया है. शनिवार को टीएमसी सांसदों को यूपी प्रशासन के आदेश पर बनारस एयरपोर्ट के बाहर आने पर रोक लगा दी गयी जिसके बाद टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन अपने साथियों के साथ नाराज होकर बनारस एयरपोर्ट पर धरने पर बैठ गए.
बता दें कि टीएमसी सांसदों के एयरपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी, एसएसपी, एसपीआरए सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए और टीएमसी नेताओं को वीआइपी लाउंज में भेज दिया गया.
टीएमसी नेताओं के वाराणसी पहुंचने और सोनभद्र जाने की जानकारी होने पर प्रशासन ने जल्दबाजी में बाबतपुर स्थित एयरपोर्ट पर टीएमसी के सांसदों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को सुबह सेही तैनात कर दिया था.
टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि एडीएम और एसपी ने उनसे कहा कि हमें हिरासत में लिया जा रहा है क्योंकि यहां धारा 144 लागू है. हम तो सिर्फ तीन हैं धारा 144 लागू होने पर पांच या पांच से ज्यादा लोग अगर साथ जाएं तब तो उसका उल्लंघन माना जायेगा. हम यहां से बीएचयू ट्रामा सेंटर जाने की पूरी कोशिश करेंगे जिससे किसोनभद्र की घटना में घायल हुए लोगों से मिल सके.
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को भी सोनभद्र जाने से रोक दिया गया था.कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने वापस लौट जाने की अधिकारियों की बात न मानते हुए चुनार गेस्ट हाउस में रात भर रहीं. प्रियंका और अधिकारियों के बीच रात करीब 12:00 बजे से 1:15 बजे तक बात चली पर प्रियंका ने वहां से हिलने का नाम नहीं लिया. प्रियंका व उनके सैकड़ों समर्थक चुनार गेस्ट हाउस में ही डटे रहे. प्रियंका ने देर रात ट्वीट में बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक बृजभूषण, वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल और पुलिस उपमहानिरीक्षक को मुझसे यह कहने के लिए भेजा कि मैं यहां पीड़ितों से मिले बगैर वापस चली जाऊं. ना मुझे हिरासत में रखने का आधार बताया गया है और ना ही कोई कागज दिए गए.उन्होंने ट्वीट कर के कहा कि मेरे वकीलों के अनुसार मेरी गिरफ्तारी गैरकानूनी है. मैंने स्पष्ट कर दिया है कि मैं किसी धारा का उल्लंघन करने नहीं बल्कि पीड़ितों से मिलने आई हूं. मैंने सरकार के दूतों से कहा है कि मैं उनसे मिले बगैर वापस नहीं जाऊंगी.
जानकारी के लिए बता दें कि शुक्रवार की शाम को मिर्जापुर आयुक्त की ओर से जारी एक पत्र में कहा गया है कि सोनभद्र जिले की तहसील घोरावल के उम्भा गांव में 17 जुलाई को भूमि पर कब्जे को लेकर हुए एक गोलीकांड में 10 लोगों की मौत हो गई थी और 28 लोग घायल हो गए थे. इसके बाद सोनभद्र जिला अधिकारी ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है.