लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त खाने के बाद आम आदमी पार्टी ने आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू कर दी है और इस बार अपनी डूबती हुई नाव को पार लगाने के लिए शिक्षा व्यवस्था को अपना नया हथियार बनाया है.
दिल्ली के विपक्षी नेता बिजेंद्र गुप्ता का आरोप है की आम आदमी पार्टी ने एसएमसी यानि विद्यालय प्रबंध समिति दिल्ली की सभी सरकारी स्कूलों में अभिभावको की मीटिंग बुला कर उनसे स्कूल की व्यावस्थाओ लेके बात करेंगी औए बताएगी की अगर 2020 में आप आम आदमी पार्टी को वोट नही देंगे औरे केजरीवाल की सरकार नही बनती है तो शिक्षा के छेत्र में होने वाले सारेकाम रुक जायेंगे.
बिजेद्र गुप्ता का ये भी आरोप है की आम आदमी पार्टी नें स्कूलों में सरकारी खर्च से आम आदमी पार्टी नेता औए अभिभावको की जबरन मीटिंग करवाई जा रही है और उन्हें आम आदमी पार्टी को वोट देने के लिए लुभाने की कोशिश की जा रही है.
बिजेंद्र गुप्ता ने कुछ दस्तावेज भी डाले है जिसमे लिखा गया है की एसएमसी विद्यालय प्रबंध समिति को कैसे मीटिंग करनी है और अभिभावकों क्या क्या कहना है उसमे ये भी लिखा गया है की कोई भी मोबाइल फ़ोन विडियो से नही बनाया जाये.
एसएमसी विद्यालय प्रबंध समिति की बात करे तो इसमे कुल 16 सदस्य होते है और इस समिति के अध्यक्ष स्कूल के प्रिंसिपल होते है और एक सदस्य स्कूल के टीचर, एक स्थनीय विधायक, एक शिक्षा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्त्ता हैं औए 12 सदस्य विध्यार्थियों के अभिभावकों में से चुना जाता है. इसके साथ साथ स्कूल के 3 टीचर आमंत्रित सदस्य होते है. इस समिति में 8 सदस्य यानी 50 फीसदी महिलाओं का होना आवश्यक है.