आतंकवाद के मसले पर समस्त विश्व को एकजूट होकर लड़ने के लिए पीएम मोदी की पहल का फ्रांस ने स्वागत करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जंग फ्रांस की शीर्ष प्राथमिकताओं में शुमार रहा है.
आपको बता दें, फ्रांस के विदेश मंत्री जिन बापटिस्ट लेमोयन आज भारत के दौरे पर थे. उल्लेखनिय है कि प्रधानमंत्री मोदी दोबारा सत्ता में आने के बाद पहले विदेश दौरे पर मालदीव गए थे जहां उन्होंने आतंकवाद के मसले पर भाषण के दौरान कहा कि अगर वैश्वीक समुदाय जलवायु परिवर्तन से होने वाले खतरे को लेकर विश्व स्तर पर समझौते और सम्मेलन कर सकती है तो आतंकवाद के मसले पर क्यों नहीं.
यह कहते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद को लेकर सम्मेलन करने का आवाहन किया था. जिसका भरपूर सम्मान करते हुए जीन बापटिस्ट लेमोलन ने स्वागत करते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का साथ देने का वादा किया.
लेमोयन ने कहा, आतंकवाद से लड़ने की हर एक पहल का स्वागत है क्योंकि यह विश्व के प्रत्येक देश के लिए खतरा है। इसलिए प्रयासों को एकजुट करने के लिए जो कुछ संभव है उसका स्वागत है। आतंकवाद जलवायु परिवर्तन की तरह एक चुनौती है।
हम इस कदम पर करीब से गौर करेंगे। लेमोयन ने कहा, आतंकवाद के खिलाफ जंग हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। फ्रांस इस मुद्दे पर भारत के साथ खड़ा है। और मैं यह कह सकता हूं कि इस मोर्चे पर हमारे संबंध मजबूत हैं।
राफेल विवाद की चिंता नहीं
विपक्षी पार्टियां जहां मोदी सरकार पर राफेल डील में घोटाले के आरोप लगा रही है, वहीं लेमोयन ने कहा कि फ्रांस सरकार को इन विवादों से फर्क नहीं पड़ता। हम सिर्फ इसकी आपूर्ति चाहते हैं। यह दोनों देशों के राष्ट्रीय हित में है। हम चाहते हैं कि भारत और फ्रांस और संप्रभु बनें।
उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी लड़ाकू विमान सितंबर में भारत पहुंचेगा और यह नई दिल्ली-पैरिस सहयोग का एक मजबूत संकेत होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद 36 राफेल विमानों की एक-एक कर आपूर्ति की जाएगी।