उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई यूपी कैबिनेट की मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। इस दौरान राज्य में मोटरयान अधिनियम, 2000की धारा में संशोधन करते हुए कई बदलाव किए गए।
इसके तहत जहां वाहन नियमों के उल्लंघन के लिए लगने वाले जुर्माने की राशि को बढ़ाया गया है, वहीं गाड़ियों के वीआईपी और इंट्रेस्टिंग नंबर्स पाने के लिए लगने वाले शुल्क में भी परिवर्तन किया गया है। अब दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए चार श्रेणियों में अलग-अलग शुल्क देने होंगे।
बढ़ी जुर्माने की राशि
बिना नंबर प्लेट की गाड़ी के लिए जहां पहले 300रुपये जुर्माना देय था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 500रुपये कर दिया गया है। वहीं, लाइसेंस न देने पर लगने वाले जुर्माने को 500से बढ़ाकर हजार रुपये करने का फैसला लिया गया है।
इसके अलावा अगर आप वाहन चलाते हुए मोबाइल पर फोन पर बात करते हुए पकड़े जाते हैं तो आपको 500रुपये की जगह अब हजार रुपये जुर्माना देना होगा। बिना हेलमेट गाड़ी चलाने का जुर्माना भी 500रुपये से बढ़ाकर हजार रुपये कर दिया गया है।
वीआईपी नंबर्स के लिए फीस में भी बदलाव
इसके अलावा गाड़ियों के वीआईपी या इंट्रेस्टिंग नंबर्स के लिए लगने वाली फीस में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए एक ही तरह का शुल्क वसूला जाता था, वहीं अब इ दोनों की कैटिगरी को अलग-अलग कर दिया गया है।
चारपहिया वाहनों के लिए जहां एक लाख, 50 हजार, 25 हजार और 15 हजार की चार श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, वहीं दोपहिया वाहनों के लिए 20 हजार, 10 हजार, 5 हजार और 3 हजार की चार श्रेणियां रखी गई हैं।