कैबीनेट में सीट को लेकर नीतीश और बीजेपी में दरार ?

एनडीए की सहयोगी पार्टी जदयू और बीजेपी में कैबीनेट सीट को लेकर दरार की ख़बरें आर रही है. दरअसल, इस बार के मोदी कैबीनेट में नीतीश कुमार के एक भी मंत्री को जगह नहीं मिली है जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है।

इसपर सीएम नीतीश कुमार का कहना है कि पार्टी को सरकार में सांकेतिक भागदारी करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की तरफ से मंत्रिपरिषद में एक सीट का ऑफर आया था, लेकिन जेडी (यू ) इससे सहमत नहीं। इसके साथ ही नीतीश ने यह भी स्पष्ट किया कि वह एनडीए के साथ मजबूती से बने रहेंगे।

प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद वापस पटना लौटे नीतीश ने कहा, बीजेपी केवल सांकेतिक प्रतिनिधित्व देना चाह रही थी, लेकिन हमारी इसमें दिलचस्पी नहीं। हमने कुछ नहीं मांगा। एनडीए में बने रहने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि हमें कुछ नहीं चाहिए, हम ऐसे ही सरकार के साथ हैं। लगातार दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में 57मंत्रियों को जगह मिली है।

नीतीश ने कहा, बीजेपी ने हमें बताया कि नई सरकार में सभी एनडीए के घटक दलों को 1-1सीट दे रहे हैं। उनकी बात से लगा कि एनडीए के घटक दलों और जेडीयू को सांकेतिक रूप से प्रतिनिधत्व देना चाहते हैं। बीजेपी के ऑफर पर जेडीयू की कोर टीम से बात की और निर्णय लिया कि केंद्र में सांकेतिक भागीदारी की कोई जरूरत नहीं है। भागीदारी सही अनुपात में होनी चाहिए।

अटल का जिक्र कर की उचित प्रतिनिधित्व की बात

नीतीश ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा, अटलजी के कार्यकाल में भी हम साथ थे। सीट के हिसाब से मंत्री पद मिला था। गठबंधन सरकार में ऐसा ही होता है। उनके समय तो मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले ही मंत्रालय पर चर्चा कर ली जाती थी। उचित अनुपात में सभी पार्टियों को प्रतिनिधत्व मिलना चाहिए।

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