पश्चिम बंगाल में तमाम सियासी हंगामों के बीच बीजेपी के पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कोलकाता में चुनावी जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने ममता सरकार को फिर से चुनौती देते हुए कहा कि ये लाखों लोग बाहर से आए हैं क्या? ये कलकत्ता की जनता है जो चाहती है कि यहां बंगाली संस्कृति फिर से यहां रिस्टोर हो, घुसपैठिए यहां से निकले.
आपको बता दें, रैली से पहले बंगाल सरकार द्वारा चुनाव आयोग का हवाला देते हुए बीजेपी के पोस्टर हटाए जाने के सवाल पर शाह ने कहा कि हमारे तो पोस्टर ही हटाए गए हैं. यहां मेरे 7 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मार दिया गया. किसी राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए इससे ज्यादा वेदना का और क्या कारण हो सकता है. अगर ममता दीदी ऐसा समझती हैं कि इस प्रकार की हिंसा करके वो भाजपा को रोक देंगी, अपनी हार को रोक लेंगी, तो जितना हिंसा का कीचड़ फैलाएंगी, उतना ही शानदार कमल खिलेगा.
हालांकि, शाम ढ़लते ही शाह की रैली में भगदड़ मच गई. मौके पर भारी संख्या में पुलिस को पहुंचना पड़ा जो हालात पर काबू पाने की कोशीश में घंटों जूटे रहे.