ट्रैक्टर्स एण्ड फार्म इक्विपमेंट ने पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ के साथ किया समझौता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत आने वाले पेट्रोलियम संरक्षण एवं अनुसंधान संघ (पी.सी.आर.ए.) और ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनी ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (टैफे) ने पूरे देश में संसाधनों के संरक्षण में मदद के लिए सहमति पत्र (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए।

टैफे ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी। सहमति पत्र के अंतर्गत, ट्रैक्टरों और उपकरणों के बेहतर रख-रखाव और मरम्मत के फायदों के बारे में जागरूकता फैलाने, किसानों को जागरूक करने में टैफे के व्यापक डीलरशिप नेटवर्क को शामिल करके कृषि कार्यशालाओं और मेलों का संयुक्त रूप से संचालन करने की योजना है।

इससे कम ईंधन की खपत और संसाधनों के कुशल उपयोग के परिणामस्वरूप, किसानों को उनकी उत्पादकता और लाभ को अधिकतम करने में मदद मिलेगी।

पी.सी.आर.ए. और टैफे के बीच पहली बार किये गये सहयोग के इस सहमति ज्ञापन पर पीसीआरए के कार्यकारी निदेशक आलोक त्रिपाठी और टैफे के अध्यक्ष एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (उत्पाद रणनीति) टी. आर. केशवन ने हस्ताक्षर किये।

पी.सी.आर.ए. तेल पर देश की अत्यधिक निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से पेट्रोलियम संरक्षण के लिए नीतियों और रणनीतियों के बारे में भारत सरकार को सलाह एवं प्रस्ताव देने के मामले में सक्रिय भूमिका निभाता है।

टैफे 1,50,000 से अधिक ट्रैक्टरों की वार्षिक बिक्री के साथ संख्या के आधार पर दुनिया की तीसरी और भारत की सबसे बड़ा ट्रैक्टर निर्माता कंपनी है।

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