लोकसभा चुनाव को लेकर सख्त सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चुनाव आयोग के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपीक पीएमनरेंद्र मोदीकी स्क्रीनिंग की गई. अर्थात आज चुनाव आयोग ने पीएम मोदी की बायोपीक देखी. उस दौरान चुनाव आयोग के सात अधिकारी मौजूद थे. फिल्म देखने के बाद अब चुनाव आयोग की टीम गुरुवार को अपनी रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय में पेश करेगी जिसके बाद ही फिल्म के रिलीज को लेकर अहम निर्णय लिया जायेगा.
आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा था वह विवेक ओबेराय स्टारर इस फिल्म को देखकर फैसला करे कि फिल्म को बैन किया जाना है या नहीं। साथ में यह भी कहा गया था कि फिल्म देखने के बाद सोमवार (22अप्रैल) तक अपना पक्ष सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में जमा करे। फिल्म PM Narendra Modi के मेकर्स की ओर से उनके वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में दलील दी गई कि चुनाव आयोग ने बिना फिल्म देखे, फिल्म के प्रतिबंध करने का फैसला कर दिया है.
चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की शिकायत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित इस फिल्म पर चुनाव आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए रोक लगा दी थी। शिकायत में कहा गया है कि मोदी पर आधारित बायॉपिक को चुनाव के दौरान प्रदर्शित करने का मकसद बीजेपी को चुनावी फायदा पहुंचाना है, इसलिए चुनाव के दौरान इसके प्रदर्शन की अनुमति देने से चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन होगा. लेकिन अब आलम यह है कि चुनाव आयोग अब इस फिल्म को खुद पहले देख रही है जिससे की यह तय किया जा सके कि इसे सिनेमाघरों तक पहुंचाना है या नहीं.