लोकनायक जयप्रकाश नारायण सिविल अस्पताल में यहां कथित रूप से बड़ी लापरवाही सामने आई है. जिसके चलते लगभग 24 मरीजों की आंखों में संक्रमण हो गया जिसमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं.
फिलहाल कुरूक्षेत्र जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों ने शुक्रवार तक अस्पताल में आंखों की सर्जरी रोक दी है.
आपको बता दें, पिछले तीन हफ्ते से अधिक वक्त में जिन मरीजों की आंख का अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है उन्हें पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ रेफर किया गया है.
पीजीआईएमईआर ने पुष्टि की है कि उसके एडवांस्ड आई सेंटर (एईसी) में मोतियाबिंद के आपरेशन के बाद के 24 मरीजों को पिछले दो हफ्तों में भर्ती कराया गया है जिनकी आंखों के अंदरूनी भाग में जलन की शिकायत थी.
एक बयान में बताया गया कि पीजीआईएमईआर के एईसी में अब तक 19 मरीजों का आपरेशन किया गया. सभी मरीजों की रोशनी धीरे-धीरे लौट रही है. किसी भी मरीज ने आंखों की रोशनी पूरी तरह नहीं खोई है. 11 मरीजों को छुट्टी दे दी गयी और नियमित जांच कराने को कहा गया है. इसमें कहा गया कि एईसी में 13 मरीज अभी भी भर्ती हैं.
हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा निदेशक डा. अरशुद्दीन की अगुवाई में डाक्टरों की टीम ने बुधवार को मामले की जांच के लिए अस्पताल का दौरा किया.
सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह ने बताया कि संक्रमण के कारण का पता लगाने और मामले में जवाबदेही तय करने के लिए जांच की जा रही है.
उन्होंने बताया कि 27 फरवरी से 11 मार्च के बीच एक वरिष्ठ नेत्र शल्य चिकित्सक ने करीब 100 लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया.
सिंह ने बताया कि 24 मरीजों ने आंखों में जलन की शिकायत की थी.
भाषा