जम्मू कश्मीर में हुए पुलवामा हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोह्हमद के के सरगना मसूद अजहरको घेरने के लिए भारत पूरी कोशिश में है.मसूद अजहर का क्या होगा इसपर आज शाम बड़ा फैसला आने वाला है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने का आज आखिरी दिन है. आज शाम तक सुरक्षा परिषद का कोई सदस्य मसूद के नाम पर आपत्ति नहीं जताता तो मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
पुलवामा हमले के बाद मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए भारत के साथ कई देश आगे आए. जिसमें फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश शामिल थे. चीन ने भी अभी तक इस फैसले पर कोई आपत्ति नहीं जताई है. चीन का ताजा रूख उसके पुराने रिकॉर्ड से काफी अलग है, इससे पहले वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर वो कई बार मसूद को बचा चुका है.
अमेरिका का बड़ा बयान
मसूद अजहर को बैन लगाने की मुहिम में अमेरिका भी भारत का साथ दे रहा है. अमेरिका एक बयान में कहा गया था कि भारत-अमेरिका साथ में काम कर रहे हैं, जैश-ए-मोहम्मद के अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है और मसूद उसका सरगना है ऐसे में उसे भी ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाना चाहिए. मसूद अजहर भारतीय उपमहाद्वीप में शांति के लिए खतरा है.
अमेरिकी विदेश विभाग प्रवक्ता रॉबर्ट पालडीनो ने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों सहमत हैं कि विश्व में शांति हो. अगर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन नहीं लगता है कि शांति का मिशन फेल हो सकता है. आपको बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में देश के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोह्हमद ने ली थी. इसी घटना के बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी