प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पाकिस्तान में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के हवाई हमले पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस पार्टी पर हमला किया और पूछा कि क्या उन्हें भरोसा नहीं है कि भारत में सशस्त्र बल क्या कहते हैं.
गुजरात के जामनगर में एक रैली में बोलते हुए, पीएम मोदी ने कहा, राष्ट्र इस बात से सहमत है कि आतंक के खतरे को खत्म किया जाना चाहिए. मैं आपसे [कांग्रेस] पूछना चाहता हूं, क्या आपको भरोसा नहीं है कि हमारे सशस्त्र बल क्या कहते हैं? हमें हमारे सशस्त्र बलों पर गर्व होना चाहिए.
PM Modi in Jamnagar, Gujarat: The nation agrees that the menace of terror has to be eliminated. I want to ask you, dont you trust what our armed forces say? We should be proud of our armed forces. pic.twitter.com/zx71igb81d
ANI (@ANI) March 4, 2019
प्रधान मंत्री ने आगे कहा कि कुछ समझ में नहीं आता है कि अगर भारत के राफेल जेट होते तो आज की स्थिति कितनी अलग होती. राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए, मोदी ने इसे भारतीय वायुसेना को फ्रांस से अत्याधुनिक लड़ाकू जेट प्राप्त करने में बाधा के लिए जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा, अगर भारतीय वायु सेना का राफेल आज होता तो स्थिति कुछ और होती. अगर कुछ लोग इसे समझने में नाकाम रहते हैं तो मैं कुछ नहीं कर सकता.
रविवार को बिहार के पटना में एक रैली को संबोधित करते हुए, मोदी ने विपक्ष पर IAF हवाई हमले का सबूत मांगकर सुरक्षा बलों को गिराने का आरोप लगाया.
विपक्षी दलों द्वारा सामूहिक रूप से भाजपा पर सशस्त्र बलों के बलिदान का राजनीतिक रूप से राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि इस तरह के बयान देकर वे भारत को दुश्मनों के हाथ दे रहे हैं.
वहीं दुसरी ओर पीएम मोदी के आरोपों पर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि राफेल जेट के आने में देरी के लिए प्रधानमंत्री खुद पूरी तरह जिम्मेदार हैं.उन्होनें अपने ट्विटर पर लिखा कि प्रिय पीएम, क्या आपको कोई शर्म नहीं है? आपने 30,000 करोड़ रुपये चुरा लिए हैं और इसे अपने दोस्त अनिल को दे दिया है.सिर्फ आप की वजह से आज विंग कमांडर अभिनंदन जैसे बहादुर भारतीय वायुसेना पायलट अपने जीवन को पुराने जेट विमानों को उड़ाने के लिए जोखिम में डाल रहे हैं, आप RAFALE जेट्स के आगमन में देरी के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं.