एक बार फिर ओलंपिक में खेलना चाहती हैं शुएरुई

लंदन ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता और दुनिया की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी चीन की ली शुएरुई चोट के कारण डेढ़ साल से अधिक समय तक कोर्ट से दूर रही और उन्हें लग रहा था कि उनका करियर खत्म हो गया है लेकिन एक बार फिर ओलंपिक में खेलने की प्रेरणा के कारण वह वापसी करने में सफल रहीं. रियो ओलंपिक 2016 में स्पेन की पूर्व नंबर एक कैरोलिना मारिन के खिलाफ सेमीफाइनल मैच के दौरान शुएरुई चोटिल हो गई थी जिसके बाद उन्हें जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ कांस्य पदक के प्ले आफ मुकाबले से भी बाहर होना पड़ा.

चीन की सबसे सफल महिला एकल खिलाड़ियों में से एक शुरुरुई हालांकि 600 से अधिक दिन बाहर करने के बाद पिछले साल मई में वापसी करने में सफल रहीं. शुएरुई ने कहा, चोट के बाद वापसी करके काफी अच्छा लग रहा है. चोट के कारण मुझे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और छोटे स्तर के टूर्नामेंटों में भी खेलना पड़ा. मैंने अभी भविष्य को लेकर कोई योजना नहीं बनाई है क्योंकि मुझे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

नवीनतम विश्व रैंकिंग में दुनिया की 21वें नंबर की खिलाड़ी शुएरुई ने कहा कि चोट के दौरा ओलंपिक में खेलने के सपने ने उन्हें प्रेरित किया. अब तक के अपने करियर के दौरान 14 सुपर सीरीज खिताब जीतने वाली शुएरुई ने कहा, ओलंपिक में एक बार फिर जगह बनाने के सपने ने मुझे आगे खेलना जारी रखने के लिए प्रेरित किया है और चोट से उबरने में मदद की.

इंडिया ओपन 2012 की चैंपियन शुएरुई को मौजूदा टूर्नामेंट में चीन की ही अपनी हमवतन ही बिंगजाओ के खिलाफ 18-21 17-21 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें मलाल है कि वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई. उन्होंने कहा, इंडिया ओपन में ही बिंगजाओ के खिलाफ मेरा मैच भी अच्छा नहीं रहा. मैं अच्छा नहीं खेल पाई जिसके कारण हार का सामना करना पड़ा.

शुएरुई हालांकि अपने देश के जूनियर खिलाड़ियों से मिल रही प्रतिस्पर्धा से परेशान नहीं हैं. उन्होंने कहा, उम्मीद करती हूं कि चीज बेहतर होंगी और मेरे लिए सब कुछ सही रहेगा. जूनियर खिलाड़ियों से मिल रही प्रतिस्पर्धा से को बिलकुल भी परेशान नहीं हूं और मेरा पूरा ध्यान अपने प्रदर्शन में सुधार पर टिका है.

भाषा

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