Diwali 2023: देशभर में दिवाली के पावन पर्व की धूम है। इस बार दिवाली का पर्व 12 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा। इस दिवाली इस बार लक्ष्मी पूजा के लिए 6 मुहूर्त हैं। इस वजह से लोग अपने हिसाब से आराम से अपने दफ्तर, कारखाने और घर में पूजा कर सकते हैं। दीपावली का मुहूर्त दोपहर 1:15 से रात 2:32 बजे तक रहेगा।
दिवाली पर कई ऐसे शुभ योग बन रहे हैं। जिसमें आप लक्ष्मी पूजन से लेकर नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। दिवाली पर 8 शुभ योग बन रहे हैं जिसमें से 5 राजयोग और अन्य 3 शुभ योग रहेंगे। ऐसा संयोग पिछले 700 साल में नहीं बना है। इस बार दिवाली काफी शुभ है। बताते हैं कि पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
पूजा का शुभ मुहूर्त….
शाम रात
सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 5:40 से 8:16 बजे तक
घर में पूजा का मुहूर्त 5:41 से रात 8:57 बजे तक
दुकान, ऑफिस एवं कारखानों के लिए मुहूर्त
दोपहर 1:15 से शाम 5:41 बजे तक और रात 8:57 बजे तक
प्रतियोगी परीक्षा देने वालों के लिए शुभ मुहूर्त रात 9:00 से रात 10:34 बजे तक
सन्यासियों और साधकों के लिए रात 12:19 से रात 2:32 बजे तक
दीपावली की पूजा विधि….
सबसे पहले घर की सफाई के बाद घर में गंगा जल का छिड़काव करें।
लकड़ी की चौंकी पर लाल सूती कपड़ा बिछाकर बीच में मुट्ठी भर अनाज रखें।
अनाज के बीच में कलश रखें, कलश को जल से भरें और उसमें एक सुपारी, एक गेंदे का फूल, एक सिक्का और चावल के कुछ दाने डालें।
कलश पर गोलाकार आकार में 5 आम के पत्ते रखें।
कलश के मध्य में देवी लक्ष्मी की मूर्ति और दाहिनी ओर भगवान गणेश की मूर्ति रखें।
एक छोटी सी थाली में चावल के दानों का छोटा सा पर्वत बनाएं, हल्दी से कमल का फूल बनाएं, कुछ सिक्के डालें और मूर्ति के सामने रखें।
इसके बाद अपने व्यवसाय खाते/बही और अन्य धन/व्यवसाय से संबंधित वस्तुओं को मूर्ति के सामने रखें।
अब मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को तिलक लगाएं और दीपक जलाएं।
कलश पर भी तिलक लगाएं।
अब भगवान गणेश और लक्ष्मी जी को फूल चढ़ाएं।
अपनी हथेली में कुछ फूल रखकर पूजा करें।
अपनी आंखें बंद करें और दिवाली पूजा मंत्र का जाप करें।
हथेली में रखे फूल को भगवान गणेश और लक्ष्मी को अर्पित करें।
लक्ष्मी जी की मूर्ति लें और उसे जल से स्नान कराएं और फिर पंचामृत से स्नान कराएं।
मूर्ति को दोबारा जल से स्नान कराएं।
मूर्ति पर हल्दी, कुमकुम और चावल चढ़ाएं।
देवी मां को माला पहनाएं और अगरबत्ती जलाएं।
देवी मां को नारियल, सुपारी और पान का पत्ता चढ़ाएं।
देवी की मूर्ति के सामने कुछ फूल और सिक्के रखें।
एक थाली में दीपक जलाएं और मां लक्ष्मी की आरती करें।