9 मार्च,भाषा: बहराइच के कतर्नियाघाट अभयारण्य और आस-पास के इलाकों में लोग पिछले एक महिने से तेंदुए के आतंक के साये में जीने को विवश हैं.
पिछले एक महीने में तीन बच्चों समेत कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है. जिसे पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा इलाके में ड्रोन कैमरे से निगरान किया जा रहा है.
इसके साथ ही आस-पास के इलाकों में हाथियों के जरिये गश्त लगाये जा रहे हैं दुधवा कतर्निया बाघ अभयारण्य के फील्ड निदेशक डॉ. रमेश पांडे ने शनिवार को बताया कि कतर्नियाघाट अभयारण्य में पिछले कुछ दिनों से तेन्दुए के हमले से बच्चों औऱ मवेशियों की मौत की खबरें आ रही थीं.
जिसके बाद उन्होंने तेन्दुए को खोजने के लिए डीएफओ के निर्देशन में एसडीओ व तीन वन रेंजरों की आधुनिक तकनीक से लैस एक टीम बनाई गई है और विशेषज्ञों की देखरेख में दो ड्रोन कैमरे छोड़े गए हैं.
इसके साथ ही जंगल के भूगोल से वाकिफ हाथी जयमाला व चम्पाकली को तेज तर्रार विशेषज्ञ महावतों के निर्देशन में एलीफेंट पेट्रोलिंग भी शुरू की गयी है. दुधवा से बुलाई गई वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया की टीम की मदद से चार पिंजड़े लगाकर तेन्दुए को काबू में करने की कोशिश जारी है.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा फील्ड डायरेक्टर ने कहा कि हमलावर तेन्दुए को नरभक्षी मानने की कोई वजह सामने नहीं आयी है पिछले दिनों हुए सभी हमले दुर्घटना से हुई मौत के माने जा रहे हैं.