अयोध्या में विवादित स्थल पर मंदिर बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता का रास्ता सुझाया है. इस मामले में तीन लोगों की पैनल गठित की है. तीनों लोगों को चार हफ्ते के अंदर सीलबंद लिफाफे में पहली रिपोर्ट देने को कहा है.
कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय पैनल में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को शामिल किए जाने पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा है कि भले ही कोर्ट ने रविशंकर को मध्यस्थता में शामिल किया है लेकिन विवाद पर दिए गए बयान वह कहते नजर आए हैं कि अगर मुसलमान अयोध्या पर अपना दावा नहीं छोड़ते हैं तो भारत सीरिया बन जाएगा.
AIMIM Chief Asaduddin Owaisi on SC order in Ayodhya case: Sri Sri Ravi Shankar who has been appointed a mediator had earlier made a statement if muslims dont give up their claim on Ayodhya,India will become Syria. It wouldve been better if SC had appointed a neutral person. pic.twitter.com/PthrJvYYdY
ANI (@ANI) March 8, 2019
उन्होंने रविशंकर की इस टिपण्णी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि श्री श्री रविशंकर जिन्हें एक मध्यस्थ नियुक्त किया गया है, ने पहले कहा था कि अगर अयोध्या में मुसलमान अपना दावा नहीं छोड़ते हैं, तो भारत सीरिया बन जाएगा. बेहतर होता अगर SC ने किसी न्यूट्रल व्यक्ति को नियुक्त किया होता.
सबका सम्मान करना, सपनों को साकार करना, सदियों के संघर्ष का सुखांत करना और समाज में समरसता बनाए रखना – इस लक्ष्य की ओर सबको चलना है।#AyodhyaVerdict
Sri Sri Ravi Shankar (@SriSri) March 8, 2019
वहीँ अयोध्या विवाद पर श्रीश्री ने कहा कि सबका सम्मान करना, सपनों को साकार करना, सदियों के संघर्ष का सुखांत करना और समाज में समरसता बनाए रखना – इस लक्ष्य की ओर सबको चलना है.