सेना को मिलेगी दुनिया की सबसे खतरनाक राइफल

आतंकवाद से निपटने और सेना के जवानों को और हाईटेक बनाने के लिए अब देश में ही होगी असाल्ट राइफल्स सीरीज के तहत एके 203 राइफल का निर्माण. डिफेंस सैक्टर में मेकिंग इंडिया को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अमेठी में राइफल फैक्ट्री का उद्घाटन किया है.

एके 203 राइफल पूरी तरह मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत अब भारत में ही बनाई जाएगी. अमेठी के राइफल फैक्ट्री में एके 47 के ऑपग्रेड वर्जन एके 203 बनाएं जाएंगे इसके लिए कोरवा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में क्लाशनिकोव राइफलों की आखिरी सीरिज का उत्पादन किया जाएगा. सबसे दमदार और सबसे आधुनिक ये राइफल पूरी तरह से भारत में बनाई जाएगी. लेकिन रक्षा सौदे के मुताबिक ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के पास अधिकतम 50.5 शेयर होंगे जबकि रूस के पास 49.5 प्रतिशत शेयर रहेंगे. और एके-203 असाल्ट राइफल्स का निर्माण एके-47 राइफल की तर्ज पर ही किया जाएगा.

नई असाल्ट राइफल की लंबाई करीब 3.25 फुट होगी. लोड किए जाने के बाद कुल वजन 4.1 किलोग्राम होगी. एक मिनट में 600 गोलियां दागी जा सकेंगी यानि एक सेकंड में दस गोलियां. इसकी मारक क्षमता 400 मीटर तक होगी और कोई नया सिपाही भी इससे अचूक निशाना लगा सकेगा.

आमतौर पर सीमाई इलाकों में ठंड रहती है. ऐसे में ज्यादातर समय में सैनिक मोटे ग्लनव्स को पहनकर गन चलने में चूक जाते थे. भारतीय सेना के पास इस समय इंसास राइफलें हैं. इन्हें आधुनिक और उन्नत तकनीक वाली राइफल से बदलना जरूरी हो गया था. एके-203 असॉल्ट राइफल मिलने से भारतीय सेना की ताकत में इजाफा होगा. किसी भी ऑपरेशन में जवान आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकेंगे और इसके अलावा रात में होने वाले सैन्य ऑपरेशन में भी यह काफी कारगर होगी.

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