पुलवामा हमले के बाद भले ही पाकिस्तान के साथ जल संधि तोड़ने की बात की जा रही थी लेकिन पाकिस्तान का इस बात का असर नहीं पड़ने वाला. यह हम नहीं कह रहे दरअसल यह कहना पाकिस्तान जल संसाधन मंत्रालय के सचिव ख्वाजा शुमैल का है.
पाकिस्तानी अखबार डॉन को दिए इंटरव्यू में ख्वाजा ने कहा कि भारत पूर्वी नदियों का पानी यदि रोकेगा तो उसका पाकिस्तान पर कोई असर नहीं पड़ेगा. क्योंकि ये नदियां सिंधु समझौते के तहत भारत के अधिकार में आती है.
सिंधु जल संधि तोड़ने से पाकिस्तान वालों को कोई दिक्कत नहीं होने वाली क्योंकि सिंधु जल समझौते के तहत रवि, सतलज और ब्यास के पानी पर भारत का अधिकार है.
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया था कि पाकिस्तान की ओर जाने वाली रवि, सतलज और ब्यास का पानी पानी डायवर्ट कर यमुना में लाये जाने की तैयारी की जा रही है जिसके बाद जम्मू- कश्मीर, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के किसानों के लिए बड़ी राहत बढ़ेगी. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि नदियों पर बाँध बनाने की प्रतिक्रिया शुरू कर दी गयी है और आने वाले 6 सालों में यह योजना पूरी हो जाएगी.