पेरिस: फ्रांस में पुलिस द्वारा एक किशोर की हत्या के बाद भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। हालात पर काबू पाने के लिए 45 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है लेकिन हिंसा की आग धधकती ही जा रही है। इस दौरान करीब तीन हजार कारें-वाहन तोड़े-जलाए जा चुके हैं, ढाई हजार से ज्यादा दुकानें जलाई या लूटी जा चुकी हैं। इसके साथ ही सैकड़ों पुलिस थानों-सरकारी भवनों पर हमले हुए हैं। वहीं मामले में अब तक करीब ढ़ाई हजार लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
दरअसल, 17 वर्षीय नाहेल की हत्या के बाद से ही ये हिंसा भड़की है जिसमें कई घर, गाड़ियां और दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया है। आज छठवें दिन भी हिंसा कायम रही जिसपर काबू पाना पुलिसकर्मियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के लिए एक गंभीर संकट पैदा हो गया है।जर्मनी के अधिकारियों ने बताया कि फ्रांस में अशांति के कारण फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जर्मनी की राजकीय यात्रा स्थगित कर दी है। उनका पूरा फोकस इस समय दंगों पर किसी भी तरह काबू पाना है।
मंगलवार को हुई थी हत्या
बता दें कि मंगलवार (27 जून) को 17 वर्षीय नाहेल की पुलिस फायरिंग में मौत हो गई। नाहेल नाइजीरियाई मूल का था। जानकारी के मुताबिक, वह नैनटेरे शहर में एक डिलीवरी ड्राइवर के तौर पर काम करता था। साथ ही वह पिछले 3 वर्षों से पाइरेट्स ऑफ नैनटेरे रग्बी क्लब का सक्रिय सदस्य था। मंगलवार को वो तेज रफ्तार गाड़ी चला रहा था। जब पुलिस ने उसे रोका तो वह रुका नहीं जिसके बाद पुलिस ने पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली चला दी। इस फायरिंग में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
किशोर की मौत के बाद फ्रांस के कई हिस्सों में नस्लीय भेदभाव को लेकर हिंसा भड़क उठी। वहीं,कल यानी शनिवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि एकलौते बेटे की मौत की वजह से मां मौनिया को गहरा सदमा लगा है। उन्होंने कहा कि गोली मारने वाले पुलिसकर्मी के प्रति उनके मन में गुस्सा है, लेकिन बाकी लोगों से उन्हें कोई शिकायत नहीं है।